

नाशिक जिले की 13 तहसीलों के लिए 13.84 करोड़ रुपये की जलापूर्ति कार्ययोजना तैयार।
अक्टूबर 2026 से जून 2027 तक तीन चरणों में लागू करने का प्रस्ताव।
जलापूर्ति के लिए 355 टैंकरों की व्यवस्था का नियोजन।
जरूरत पड़ने पर 385 निजी कुओं का अधिग्रहण किया जाएगा।
टैंकरों से पानी पहुंचाने के लिए 11.15 करोड़ रुपये का प्रावधान।
Nashik Tanker Water Supply Drought Maharashtra: नासिक जिले में संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने वर्ष 2026-27 की 13.84 करोड़ रुपये की जलापूर्ति कार्ययोजना राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजी है। अक्टूबर से जून तक तीन चरणों में लागू होने वाली योजना में 355 टैंकरों और 385 निजी कुओं के अधिग्रहण का नियोजन किया गया है।
नासिक, बारिश में लंबे अंतराल और भूजल स्तर में गिरावट के कारण नासिक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने की आशंका है। कई इलाकों में कुओं का जलस्तर घटने लगा है। संभावित संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने वर्ष 2026-27 के लिए 13 करोड़ 84 लाख 42 हजार रुपये की जलापूर्ति कार्ययोजना तैयार कर राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजी है।
प्रस्तावित योजना में जिले की 13 तहसीलों के ग्रामीण क्षेत्रों को राहत देने पर जोर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, करीब 2,064 गांव और बस्तियां संभावित जलसंकट के प्रभाव क्षेत्र में हैं। इन क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था करने की तैयारी की गई है।
जलापूर्ति कार्ययोजना को अक्टूबर से दिसंबर, जनवरी से मार्च और अप्रैल से जून तक तीन चरणों में लागू करने का नियोजन है। इन चरणों में क्रमशः 105, 135 और 115 टैंकरों की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस तरह कुल 355 टैंकरों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने की तैयारी है।
योजना का उद्देश्य उन गांवों और बस्तियों में पेयजल उपलब्ध कराना है, जहां नियमित जलापूर्ति पर्याप्त नहीं होगी। टैंकरों की वास्तविक तैनाती जरूरत और प्रशासनिक मंजूरी के अनुसार की जाएगी।
जहां टैंकरों के अलावा पानी का दूसरा विकल्प उपलब्ध नहीं होगा, वहां निजी कुओं का अधिग्रहण कर जलापूर्ति करने का प्रस्ताव है। तीनों चरणों में करीब 385 निजी कुओं का अधिग्रहण करने की योजना बनाई गई है। इससे उन बस्तियों को राहत देने का प्रयास होगा, जहां नियमित जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित है।
कुल प्रस्तावित बजट में टैंकरों से जलापूर्ति के लिए 11 करोड़ 15 लाख 42 हजार रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा पाइपलाइन की मरम्मत के लिए 28 लाख रुपये, अस्थायी नल जलापूर्ति योजनाओं के लिए 28 लाख रुपये और कुओं को गहरा करने के लिए 20 लाख रुपये का प्रावधान है।
निजी कुओं के अधिग्रहण के लिए 1 करोड़ 92 लाख 82 हजार रुपये प्रस्तावित हैं। कार्ययोजना में प्रगतिशील नल जलापूर्ति योजनाओं को पूरा करने सहित कुल नौ उपाय शामिल किए गए हैं। इनमें अस्थायी जलापूर्ति योजनाएं शुरू करना और मौजूदा पाइपलाइन व्यवस्था की मरम्मत करना भी शामिल है।
फिलहाल यह कार्ययोजना राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित उपायों को लागू करने और जरूरतमंद गांवों तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।