नासिक में प्रकृति का अनोखा करिश्मा, अप्रैल में नांदुरमध्यमेश्वर में फ्लेमिंगो का आगमन; संगम पर गुलाबी नजारा
Nandur Madhyameshwar Sanctuary: नांदुरमध्यमेश्वर अभयारण्य में अप्रैल के अंत में फ्लेमिंगो पक्षियों का अनोखा आगमन हुआ। हजारों विदेशी पक्षियों से गोदावरी-कादवा संगम गुलाबी रंग में रंग गया।
- Written By: अंकिता पटेल
नांदुरमध्यमेश्वर, फ्लेमिंगो पक्षी, (प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Flamingo Migration India:नासिक प्रकृति का एक अद्भुत चमत्कार इन दिनों नासिक जिले के नांदुरमध्यमेश्वर अभयारण्य में देखने को मिल रहा है। 28 अप्रैल को इस अभयारण्य में हजारों मील का सफर तय कर ‘रोहित’ (फ्लेमिंगो) पक्षियों के झुंड का आगमन हुआ है, आमतौर पर सर्दियों में दिखाई देने वाले ये विदेशी मेहमान इस साल अप्रैल के उत्तरार्ध में पहुंचे हैं, जिससे गोदावरी-कादवा नदियों के संगम पर गुलाबी छटा बिखर गई है।
रंगों का उत्सव और अनुकूल वातावरण
कच्छ के रण बा सुदूर देशों से आए इन पक्षियों को नांदुरमध्यमेश्वर का शांत वातावरण आकर्षित कर रहा है। जलाशय के नीले पानी पर लंबी गर्दन और गुलाबी पंखों वाले पक्षियों का दृश्य किसी जीवंत चित्रकारी जैसा प्रतीत हो रहा है। अभयारण्य का उथला पानी और वहां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध ‘काई’ इन पक्षियों के लिए मुख्य आकर्षण है। भीषण गर्मी के बावजूद जलाशय का जलस्तर और खाद्य सामग्री इन पक्षियों के लिए अनुकूल बनी हुई है।
जिले भर के पक्षी प्रेमी और फोटोग्राफर पहुंच रहे अभयारण्य
फ्लेमिंगो के आगमन की खबर फैलते ही जिले भर के पक्षी प्रेमी और फोटोग्राफर अभयारण्य की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल देरी से हुआ आगमन जलवायु परिवर्तन या अन्य क्षेत्रों में पानी की कमी का संकेत हो सकता है, लेकिन नांदुरमध्यमेश्वर का पारिस्थितिकी तंत्र अभी भी इनके लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है।
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अभयारण्य की विशिष्टताएं
नामः नांदुरमध्यमेश्वर अभयारण्य (महाराष्ट्र का भरतपुर)। यह अभयारण्य गोदावरी और कादवा नदियों के संगम पर स्थित है। यहाँ पक्षियों के लिए उथला पानी और भरपूर प्राकृतिक खाद्य सामग्री उपलब्ध है, विशेष रूप से फ्लेमिंगो (रोहित) पक्षियों के लिए यह पसंदीदा स्थल है।
पर्यटकों के लिए निर्देश
पक्षी दर्शन के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम माना जाता है। पक्षियों को देखते समय शोर न करें और उन्हें परेशान करने से बचें। धूप से बचने के लिए आवश्यक सामग्री साथ रखें क्योंकि तापमान अधिक है। अभयारण्य में प्रवेश के लिए नियमानुसार शुल्क और पहचान पत्र आवश्यक है।
पक्षी निरीक्षकों और छायाकारों के लिए यह एक दुर्लभ अवसर है- इस वर्ष अभयारण्य में किए गए बेहतर अधिवास प्रबंधन के कार्यों का ही यह सुखद परिणाम है।
– वन्यजीव नासिक, उपवनसंरक्षक, कृष्णा भवर
कड़ी धूप के बावजूद, पक्षियों के इन झुंडों ने अभयारण्य की शांति और सुंदरता को दोगुना कर दिया है। जलकुंभी हटाकर तालाब तैयार करने के कारण इस वर्ष बड़ी संख्या में पक्षी दिखाई दे रहे हैं।
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-नांदुरमध्यमेश्वर, सहायक वन संरक्षक, हेमंत उबाळे
भोर के समय कोहरे के बीच से दिखने वाले ये फ्लेमिंगो या शाम को ढलते सूरज की रोशनी में नहाए हुए इनके झुंड को देखना एक आध्यात्मिक और तरोताजा करने वाला अनुभव है। सभी प्रकृति प्रेमियों को इन गुलाबी मेहमानों को देखने जरूर आना चाहिए,
– नांदुरमध्यमेश्वर अभयारण्य, वनपरिक्षेत्र अधिकारी, हिरालाल चौधरी
