

Municipal Corporation Nashik Stray Cats: बिल्ली का रास्ता से काटना भले ही अपशकुन माना जाता हो, लेकिन नासिक महानगरपालिका के पशुपालन विभाग ने पिछले 4 महीनों शहर की आवारा और अर्ध-पालतू बिल्लियों को पकड़ने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
इसके बावजूद, बिल्ली रास्ता काटना तो दूर, मनपा के हाथ तक नहीं आ रही है। विशेष बात यह है कि मनपा ने इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया है और आवारा बिल्लियों को पकड़ने के लिए पिंजरे (ट्रैप) भी तैयार रखे हैं। हालांकि, पशुपालन विभाग का कहना है कि पिछले 4 महीनों में मनपा के जाल में एक भी बिल्ली नहीं फंसी है।
नासिक शहर की गृहनिर्माण सोसायटियों, कॉलोनियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा बिल्लियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खुले में मलमूत्र त्यागने औरउससे फैलने वाली बदबू के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। कुछ इलाकों में तो बिल्लियों को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
कुत्तों की तरह ही बिल्ली के काटने से भी रेबीज का खतरा रहता है। इसी पृष्ठभूमि में, आवारा बिल्लियों की आबादी पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार ने स्थानीय निकायों को उनकी नसबंदी (निर्बीजीकरण) करने के आदेश दिए हैं।
बिल्लियों की संख्या अनियंत्रित रूप से बढ़ने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, इसलिए समय रहते इस पर नियंत्रण पाना आवश्यक है। नासिक महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके परिसर में आवारा बिल्लियों का आतंक या उपद्रव है, तो वे हेल्पलाइन नंबर 7030708787 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। हालांकि, पशुपालन विभाग का दावा है कि पिछले चार महीनों में इस हेल्पलाइन नंबर या विभाग के पास नागरिकों का एक भी कॉल या शिकायत नहीं आई है।