सरकारी नौकरी की उम्मीद को झटका! MPSC ने घटाए पद, छात्रों में गुस्सा
MPSC Recruitment 2025: MPSC की ग्रुप-C भर्ती में पद घटने से प्रतियोगी परीक्षार्थियों में नाराजगी। छात्रों ने सरकार पर अनदेखी और सीधी भर्ती की बजाय संविदा पर भरती का आरोप लगाया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
सरकारी नौकरी की उम्मीद को झटका! MPSC ने घटाए पद, छात्रों में गुस्सा
Nashik News: नाशिक में 2027 में होने वाले कुंभ मेले के लिए कुंभ मेला प्राधिकरण में नए पदों का निर्माण कर भर्ती की जाएगी। हालांकि, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा सीधी सेवा के तहत निकाली जा रही भर्तियों में पदों की संख्या कम होने के कारण राज्य सरकार पर सीधी भर्ती की उपेक्षा करने का आरोप लग रहा है। प्रतियोगी परीक्षार्थी संगठनों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है।
पिछली भर्तियों के मुकाबले कम पद
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग राज्य सरकार के विभिन्न संवर्गों के लिए भर्ती प्रक्रिया चलाता है। हाल ही में MPSC ने ग्रुप-B और ग्रुप-C के अंतर्गत पद भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए हैं।
ग्रुप-B (संयुक्त पूर्व परीक्षा): 242 पद
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ग्रुप-C (संयुक्त पूर्व परीक्षा 2025): 1986 पद
परीक्षार्थियों का कहना है कि राज्य सरकार ने 2022 में लिपिक सहित कुछ पदों को MPSC के माध्यम से भरने का निर्णय लिया था। 2023 में, ग्रुप-C के तहत 7,609 से अधिक पदों का विज्ञापन आया था। 2024 के विज्ञापन में 9,618 पद शामिल थे। इस प्रकार, पिछले 2 वर्षों की तुलना में इस वर्ष ग्रुप-C के पदों की संख्या काफी कम है।
प्रशिक्षण पर करोड़ों खर्च, भर्ती कम
MPSC स्टूडेंट राइट्स के महेश बड़े ने कहा, “राज्य के सभी लिपिक संवर्ग के पदों को MPSC के दायरे में लाए जाने के बावजूद, लगातार दो वर्षों से कम पदों का विज्ञापन प्रकाशित हो रहा है।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राज्य सरकार द्वारा बार्टी, सारथी, महाज्योति, टीआरआई जैसी संस्थाओं के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रशिक्षण पर लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक का फंड खर्च किया जाता है। इसके बावजूद, नियमित सीधी भर्ती कम क्यों हो रही है, जबकि एसटी (परिवहन) और कुंभ मेले के लिए हजारों पद संविदा आधार पर भरे जा रहे हैं।
राज्य सेवा परीक्षा पर भी अन्याय का आरोप
प्रतियोगी परीक्षार्थी चेतन वागज ने राज्य सेवा परीक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। राज्य सेवा परीक्षा में अब नई वर्णनात्मक पद्धति लागू हो रही है, लेकिन इसके लिए प्रकाशित विज्ञापन में केवल 386 पद ही शामिल हैं। इसमें राजस्व विभाग जैसे महत्वपूर्ण पदों को शामिल नहीं किया गया है।
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वागज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर गंभीर नहीं है, और नई परीक्षा पद्धति की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।
