नासिक म्हाडा घरकुल घोटाला: जांच के बाद 59 और भूखंडों की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक, बिल्डरों में हड़कंप
Nashik MHADA Scam: नासिक म्हाडा घरकुल घोटाले में जांच के बाद 59 और भूखंडों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। विशेष समिति की रिपोर्ट पर म्हाडा प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया।
- Written By: रूपम सिंह
नासिक म्हाडा ,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik MHADA Scam Builder Irregularities: नासिक के बहुचर्चित म्हाडा घरकुल घोटाला मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम की अध्यक्षता वाली विशेष जांच समिति की सिफारिशों के बाद म्हाडा प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए 59 अन्य भूखंडों की खरीद-बिक्री के व्यवहार पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है। म्हाडा के इस निर्णय से भू-माफियाओं और अनियमितता करने वाले बिल्डरों में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
राज्य सरकार की वर्ष 2013 की नीति के अनुसार, नगर निगम (मनपा) की सीमा के भीतर 4 हजार वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले गृहनिर्माण प्रोजेक्ट्स या लेआउट का 20 प्रतिशत हिस्सा म्हाडा को सौंपना अनिवार्य है। आरोप है कि नाशिक में इस नीति के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई है। इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित सात सदस्यीय विशेष समिति ने अपनी पड़ताल में पाया कि फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं।
कुल 108 मामलों में अब तक की कार्रवाई
जांच के दौरान कुल 108 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई थी।
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- प्रथम चरणः सबसे पहले 49 भूखंडों के लेनदेन पर रोक लगाई गई थी।
- द्वितीय चरणः अब मनपा के नगर रचना विभाग से प्राप्त विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर शेष 59 मामलों को चिन्हित किया गया है।
पंजीकरण विभाग को पत्रः म्हाडा के मुख्य अधिकारी शिवदास आवलकंठे ने पंजीकरण महानिरीक्षक व मुद्रांक नियंत्रक (पुणे) को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए है कि इन 59 भूखंडों का – कोई भी लेनदेन (खरीद-बिक्री) न किया जाए, ताकि जांच प्रक्रिया के दौरान किसी तीसरे पक्ष का हित प्रभावित न हो।
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सर्वे नंबरों की सूची
प्रशासन ने जिन प्रमुख सर्वे नंबरों पर लेनदेन को प्रतिबंधित किया है, उनमें 152/2, 165/4, 138/3, 129/1, 164/2, 105/131, 193/2, 137/2, 287, 163/3/3/क, 164/1/31, 1 ब, क, 250, 3/1, 113/1/3/क, 113/1/5 3, 113/1/6 फ, 139/2, 73/5, 51, 52/1, 248, 1191/2, 597/1/1, 1844, 1101/4, 717, 718, 700/2/31, 1098/1, 1083/2, 594, 298, 416/1, 461/2, 91/3, 73/1, 278/1/3/1, 890/21/1 से 4, 54/1। 93/2, 56/1, 13/2, 70/1, 161/4/3/1, 48/31। 162/3/1, 158/10, 160, 725/10/14 2। 65/5, 256/1 व 2, 256/च/1 और 256/ब शामिल हैं।
प्रशासन का सख्त रुख
प्रशासन का यह कदम उन निवेशकों और नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच है जो अनजाने में इन विवादित भूखंडों को खरीद सकते थे। फिलहाल विभागीय आयुक्त की समिति सभी दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस घोटाले में शामिल बड़े अधिकारियों व बिल्डरों पर कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
