रेयर अर्थ से रेलवे तक, मोदी सरकार ने खोला खजाना: Cabinet बैठक में 20 हजार करोड़ की योजनाओं को मंजूरी

PM Narendra Modi की अध्यक्षता में आज केंद्रीय Cabinet ने देश के विकास को नई रफ्तार देने के लिए चार बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी है। सरकार ने कुल 20 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी।
modi-cabinet-approves-20000-crore-projects-rare-earth-railway-pune-metro
कैबिनेट बैठक की में कई बड़े फैसल लिए गए (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Today PM Modi Cabinet Meeting Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट ने देश के विकास को नई रफ्तार देने के लिए चार बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी है। सरकार ने कुल 20 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें रेलवे का विस्तार और अत्याधुनिक तकनीक का निर्माण शामिल है। इन फैसलों का मकसद न केवल यातायात को सुगम बनाना है, बल्कि भारत को 'रेयर अर्थ मैग्नेट' के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाना है। यह फैसले देश की आर्थिक और सामरिक ताकत को मजबूती देंगे।

कैबिनेट ने करीब 7300 करोड़ रुपये की 'रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' को पास किया है। यह अपनी तरह की पहली पहल है जिसका उद्देश्य देश में ही इन विशेष चुंबकों का उत्पादन करना है। इलेक्ट्रिक वाहनों, मोबाइल फोन और रक्षा उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले इन मैग्नेट्स के लिए भारत अब तक आयात पर निर्भर था। इस योजना से देश में रोजगार बढ़ेंगे और 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए सरकार ने दो अहम रेल लाइनों के लिए खजाना खोला है। गुजरात में देवभूमि द्वारका से कनलुस तक की रेलवे लाइन को डबल करने के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, मुंबई के पास बदलापुर और कर्जत रूट पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के लिए 1300 करोड़ रुपये की योजना पास हुई है। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और यात्रियों का सफर पहले से ज्यादा आरामदायक और तेज हो जाएगा।

पुणे मेट्रो को विस्तार की सौगात

पुणे शहर के लिए भी आज का दिन खास रहा। कैबिनेट ने पुणे मेट्रो के विस्तार के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है। करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से खराडी से खड़कवासला और नल स्टॉप से मणिक बाग तक नई मेट्रो लाइनें बनेंगी। यह प्रोजेक्ट अगले पांच सालों में पूरा होगा, जिससे शहर में ट्रैफिक की समस्या कम होगी और लाखों लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। यह कदम पुणे के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को वर्ल्ड क्लास बनाने की दिशा में अहम है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com