

Manmad Court Employees Protest: 'समान काम समान वेतन' के सिद्धांत पर संशोधित वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर दीवानी, फौजदारी और रेलवे अदालत के कर्मचारियों ने आक्रामक रुख अपनाया है। शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए कर्मचारियों ने बुधवार को काली पट्टी बांधकर अदालती कामकाज निपटाया।
अदालत कर्मचारियों के अनुसार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने 31 जनवरी 2025 को ही संशोधित वेतनमान का प्रस्ताव मंजूर कर राज्य सरकार को भेजा था। हालांकि, अब तक इस पर कोई फैसला न होने से कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। संगठनों ने सवाल उठाया कि जब निचली अदालतों के कर्मचारी भी उच्च अदालतों जैसा ही काम करते हैं, तो उनके साथ पक्षपात क्यों किया जा रहा है?
इस विरोध प्रदर्शन में महाराष्ट्र राज्य न्यायालयीन कर्मचारी महासंघ (गट-सी)', 'ज्यूडिशियल स्टेनोग्राफर एसोसिएशन', 'बेलीफ कर्मचारी महासंघ', और 'फैमिली कोर्ट कर्मचारी संगठन' सहित कई संस्थाएं शामिल हुईं। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।
16-17 सितंबर: काली पट्टी बांधकर कामकाज
5 नवंबर: एक दिवसीय सामूहिक अवकाश।
6 और 7 नवंबर: धनतेरस के अवसर पर अन्नत्याग आंदोलन।
17 नवंबर से: मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल।
कर्मचारी संघों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार जल्द ठोस फैसला नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।