

Nagbhid Gram Panchayat: ग्राम पंचायतों के कामकाज को लेकर अब तक शिकायतें और आरोप सामने आते रहे हैं, लेकिन इस वर्ष ग्रामसभाओं में तस्वीर कुछ बदली हुई नजर आ रही है। नागरिक सीधे ग्राम पंचायत पदाधिकारियों से सवाल पूछकर किए गए विकास कार्यों का हिसाब मांग रहे हैं। इससे ग्राम पंचायत पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, ग्राम सचिव की अनुपस्थिति ने स्थिति को और पेचीदा बना दिया है।
नागभीड़ तहसील में कुल 56 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से कुछ ग्राम पंचायतों की ग्रामसभाएं हो चुकी हैं, जबकि कुछ की ग्रामसभाएं अभी बाकी हैं। इस बार हुई ग्रामसभाओं में गांवों में किए गए विभिन्न विकास कार्यों को लेकर नागरिकों ने सीधे सवाल उठाए। तहसील के पेंढरी, मांगली, मिंथूर, म्हसली, पान्होली, बोंड, कोर्धा, पाहार्णी, मौशी समेत अन्य गांवों में हुई ग्रामसभाओं में विकास कार्यों और ग्राम पंचायत के कामकाज को लेकर जमकर चर्चा हुई।
पहली बार बड़ी संख्या में नागरिकों द्वारा सीधे जवाबदेही तय करने की कोशिश से ग्रामसभाओं का महत्व भी सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के विकास कार्यों और खर्च का पूरा ब्योरा जनता के सामने पारदर्शी तरीके से रखा जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने पदाधिकारियों से सवाल किया कि विकास कार्यों के लिए कितनी निधि प्राप्त हुई, उसमें से कितना पैसा खर्च किया गया, वास्तव में कितना काम हुआ और कार्यों की गुणवत्ता कैसी है? इन सवालों की झड़ी लगने से पदाधिकारियों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है।