मालेगांव मनपा का प्रस्ताव 'अवैधानिक', जन्म प्रमाणपत्र बहाली प्रस्ताव पर भाजपा की कड़ी चेतावनी

Malegaon Municipal Corporation: मालेगांव मनपा में रद्द जन्म प्रमाणपत्रों की बहाली के प्रस्ताव को भाजपा ने अवैधानिक बताते हुए आयुक्त को चेतावनी दी है कि लागू करने पर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
Malegaon Municipal Corporation's proposal 'illegal', BJP issues stern warning on birth certificate restoration proposal
जन्म प्रमाणपत्र बहाली प्रस्ताव ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Malegaon Birth Certificate Revival Issue: मालेगांव मनपा प्रशासन द्वारा पूर्व में रद्द किए गए तथा संदिग्ध ठहराए गए जन्म प्रमाणपत्रों को पुनः बहाल करने हेतु लोकनिर्वाचित सभागृह में पारित प्रस्ताव पूर्णतः अवैधानिक है।

यदि मनपा आयुक्त राजनीतिक दबाव में आकर इस प्रस्ताव को लागू करते हैं, तो उनके तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सीधे आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे, ऐसा कड़ा इशारा भारतीय जनता पार्टी के विधि प्रकोष्ठ शहराध्यक्ष एड. योगेश निकम तथा भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री इंजीनियर हर्षल पवार ने दिया है। इस संबंध में उन्होंने आज मनपा आयुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

शासन निर्णय का उल्लंघन

एड। निकम और इंजीनियर पवार ने कहा कि महाराष्ट्र शासन के राजस्व एवं वन विभाग द्वारा 27 नवंबर 2025 को जारी निर्णय के अनुसार आधार कार्ड को जन्म का वैध प्रमाण नहीं माना जाता। साथ ही, जाली दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त प्रमाणपत्रों को रद्द करने के स्पष्ट निर्देश हैं। ऐसे में मनपा की सामान्य सभा की इन्हें पुनः बहाल करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। यह प्रस्ताव पूरी तरह 'अधिकार क्षेत्र से बाहर' का है।

राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल

भाजपा नेताओं ने कहा कि यह विषय सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि आयुक्त इस अवैध प्रस्ताव को लागू करते हैं, तो इसे पद का दुरुपयोग मानते हुए भाजपा सरकार से कलम 452 के अंतर्गत मनपा को भन करने तथा कलम 59:33) के अनुसार आयुक्तों पर अभियोजन चलाने की अनुमति मांगेगी। निकम और धवार ने मांग की कि आयुक्त इस प्रस्ताव को तत्काल दिखंडित कर शासन को भेजे और सुनिश्चित करें कि शहर में एक भी फर्जी व्यक्ति को जन्म प्रमाणपत्र न मिले।

राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं

भाजपा ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने इन प्रमाणपत्रों को पुनः जारी करने के आदेश दिए, तो इसे देशविरोधी साजिश और गंभीर धोखाधड़ी माना जाएगा।

ऐसी स्थिति में आयुक्त और अधिकारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत धोखाधड़ी, जाली शासकीय दस्तावेज तैयार करना और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर अपराधों में पुलिस स्टेशन और जांच एजेंसियों के समक्ष मामला दर्ज कराया जाएगा।

प्रमाणपत्रों के खेल पर भाजपा का 'एक्शन प्लान' तैयार

अवैध प्रस्तावः मनपा सभा को रद्द प्रमाणपत्र बहाल करने का कोई कानूनी हक नहीं है।

शासन निर्णय: 2025 के सरकारी आदेश के अनुसार आधार कार्ड जन्म का साक्ष्य नहीं है। चेतावनी। प्रस्ताव लागू होने पर आयुक्त के खिलाफ चारा 420 और षड्यंत्र का मामला दर्ज होगा।

सख्त मांगः फर्जी प्रमाणपत्रों के खेल को रोकने के लिए प्रस्ताव को तुरंत निरस्त किया जाए।

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