नासिक अवैध पार्किंग पर पुलिस का शिकंजा, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, दो महीनों में 260 केस दर्ज
Nashik Traffic Police Drive: नासिक में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस ने सख्त अभियान चलाया है। 2 महीनों में 260 से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई हुई, 120 मामलों में अदालत ने जुर्माना भी लगाया।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Illegal Parking Crackdown( Source: Social Media )
Nashik Illegal Parking Crackdown: नासिक शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नासिक पुलिस ने कमर कस ली है। पिछले दो महीनों के भीतर शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर बाधा उत्पन्न करने वाले 260 से अधिक वाहन चालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
अवैध पार्किंग और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर पुलिस की यह टेढ़ी नजर अब सड़कों पर अनुशासन की नई इबारत लिख रही है। किस थाना क्षेत्र में कितनी कार्रवाई? पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, तीन प्रमुख थानों ने इस अभियान में सबसे सक्रिय भूमिका निभाई है।
अंबड पुलिस स्टेशनः 103 वाहन चालकों पर कार्रवाई, अंबड-चुचाले एमआईडीसीः 101 वाहन चालकों पर शिकंजा, इंदिरानगर पुलिस स्टेशनः 58 वाहन चालकों के खिलाफ केस दर्ज।
सम्बंधित ख़बरें
क्या आप भी पढ़ा हुआ भूल जाते हैं? ठाणे में 16 मई से शुरू हो रहा है विशेष ‘मेंटल जिम’ ट्रेनिंग प्रोग्राम
कोर्ट ने निदा खान को भेजा जेल, जांच में सामने आए चौंकाने वाले डिजिटल सबूत, जानें आज सुनवाई में क्या हुआ?
पर्यावरण की ओर बढ़ते कदम, 20,000 ई-बसों के लिए एसटी कॉर्पोरेशन तैयार, जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
छत्रपति संभाजीनगर बनेगा ग्लोबल ऑटो हब, टोयोटा लगाएगी अत्याधुनिक SUV निर्माण संयंत्र
अदालत का कड़ा रुख अबतक 120 से अधिक मामलों में न्यायालय द्वारा जुर्माना लगाया जा चुका है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 500 से 1000 रुपये तक का दंड लगाया जा रहा है।
कई अन्य मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं। इस पूरी मुहिम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि नागरिकों में यातायात के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है।
यह भी पढ़ें:-गंगा घाट पर बड़ा हादसा टला, नासिक में कुंभ विकास कार्य बना खतरा, 15 फीट गड्ढे में गिरी कार; परिवार सुरक्षित
अधिकारियों की दोटूक चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जगवेंद्रसिंग राजपूत (अंबड) ने स्पष्ट किया कि अव्यवस्थित पार्किंग के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाई जा रही है। वहीं, संतोष नरुटे ( एमआईडीसी) और मनोहर कारंडे (इंदिरानगर) ने औद्योगिक और मुख्य मार्गों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
