Lasalgaon Onion Prices Fall (सोर्सः सोशल मीडिया)
Lasalgaon Onion Prices Fall: एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी के रूप में विख्यात लासलगांव कृषि उपज मंडी समिति में वर्तमान में गर्मियों के प्याज की कीमतों में भारी गिरावट आई है। लाल प्याज के बाद अब बाजार में नई आवक के रूप में आ रहे गर्मियों के प्याज को भी अपेक्षित दाम नहीं मिल रहे हैं, जिससे उत्पादक किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
बाजार समिति में फिलहाल गर्मियों के प्याज को औसतन केवल 8 से 12 रुपये प्रति किलो का भाव मिल रहा है। दो महीने पहले प्याज की कीमतें 12 से 15 रुपये के बीच थीं, लेकिन अब इसमें बड़ी गिरावट आई है। गिरते दामों के कारण किसानों के लिए उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है और वे आर्थिक संकट में घिर गए हैं।
प्याज की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निर्यात प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही कंटेनर मालभाड़े में भी भारी वृद्धि हुई है। पूर्व में जो भाड़ा लगभग 600 डॉलर था, वह अब बढ़कर 6500 डॉलर तक पहुंच गया है, जिसका सीधा असर निर्यात पर पड़ा है।
घरेलू स्तर पर भी प्याज की स्थिति चिंताजनक है। पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में प्याज की सस्ती उपलब्धता के कारण महाराष्ट्र के प्याज की मांग अन्य राज्यों में कम हो गई है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने इस वर्ष बफर स्टॉक के लिए ‘नाफेड’ (NAFED) और ‘एनसीसीएफ’ (NCCF) के माध्यम से की जाने वाली खरीद के लक्ष्य को 5 लाख मीट्रिक टन से घटाकर केवल 2 लाख मीट्रिक टन कर दिया है।
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सरकार द्वारा खरीद का लक्ष्य कम किए जाने से बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनने की संभावना है। इन सभी परिस्थितियों के चलते प्याज उत्पादक किसान संकट में हैं। किसानों ने मांग की है कि सरकार तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करे, प्याज की खरीद बढ़ाए और निर्यात की बाधाओं को दूर कर उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करे।