कुंभ मेला कार्यों में लापरवाही पर प्रशासन सख्त; ठेकेदारों को नोटिस, आयुक्तों ने कहा- बर्दाश्त नहीं होगी सुस्ती
Nashik Kumbh Mela 2027: सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के कार्यों में सुस्ती और घटिया निर्माण पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। लापरवाह ठेकेदारों और इंजीनियरों पर दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू है।
- Written By: रूपम सिंह
कुंभ मेला (फोटो.सोशल मीडिया)
Nashik Kumbh Mela 2027 Infrastructure Ayush Prasad: सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए जारी विकास कार्यों में भारी लापरवाही और सुस्त रफ्तार को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। बारिश की दस्तक के साथ ही प्रशासन ने घटिया काम करने वाले ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस समीक्षा प्रक्रिया में जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बारिश शुरू होने के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सुस्त और घटिया काम करने वाले ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आयुक्तों की कड़ी नाराजगी
हाल ही में कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह और मनपा आयुक्त मनीषा खत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बुनियादी ढांचे के कार्यों की धीमी रफ्तार
पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया। बैठक में सड़क निर्माण, भूमिगत सेवा लाइन और मानसून पूर्व तैयारियों के पेंडिंग कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
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मानसून के दौरान आई सख्ती से शहर में चर्चा
अब केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि कार्यों की निगरानी करने वाले अभियंताओं (इंजीनियरों) पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि अब इन परियोजनाओं को ‘मिशन मोड’ में पूरा किया जाएगा और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
नागरिकों और उद्यमियों के बीच यह चर्चा आम है कि जब महीनों से सड़कें खोदी गई थीं और कार्य अधूरे पड़े थे, तब प्रशासन क्यों चुप था? यदि यह सख्ती कुछ सप्ताह पहले दिखाई गई होती, तो नासिक शहरवासियों को बारिश के दिनों में होने वाली परेशानियों और कीचड़ भरी सड़कों से बचाया जा सकता था।
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अधिकारियों का बयान
कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने स्पष्ट किया है कि ये कार्य केवल कुंभ मेले के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य के नासिक के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। वहीं, मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने दोहराया है कि प्रशासन ने अब ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाई है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी है कि क्या प्रशासन की यह सख्ती केवल नोटिस तक सीमित रहेगी या वास्तव में कुंभ कार्यों को गति दे पाएगी।
