नाशिक: केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के नियम के अनुसार भूजल स्तर (Ground Water Level) को बनाए रखने के लिए बोरिंग (Boring) की अनुमति लेना जरूरी है। वर्तमान में निर्माण कार्य की अनुमति के लिए यह नियम बनाया गया है, लेकिन निर्माण कार्य व्यवसायी कंप्लीशन के लिए ही अनुमति लेते हैं। उनके द्वारा बोरिंग और जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया जाता। सरकारी विभाग में कर्मचारियों की कमी का फायदा उठाकर जल संरक्षण पर ध्यान न देने वाले शहर के 115 लोगों को नाशिक महानगरपालिका (Nashik Municipal Corporation) ने नोटिस (Notice) जारी किया है। जल स्तर दिन-ब-दिन नीचे जा रहा है।
एक बार भवन का अनुज्ञा प्राप्त होने के बाद बिल्डर बोरिंग और उसके पुनर्भरण की उपेक्षा करते हैं। नगरीय क्षेत्रों में 100 से अधिक फ्लैटों की आवासीय परियोजनाओं के लिए संबंधित स्थानीय स्वशासी निकाय से अनुमति लेना जरूरी है। हालांकि, अनुमति प्राप्त होने के बाद कूपन लाइन को फिर से भरने की निगरानी करने के लिए कोई प्रक्रिया नहीं है।
इस मामले में नाशिक महानगरपालिका के नगर रचना विभाग की ओर से 115 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। यह भी जांच नहीं जाती है कि बोरिंग लेने वाले लोग बिल्डिंग परमिट और कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद पानी भरते हैं या नहीं। शहर की 1, 078 परियोजनाओं में से केवल 520 परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया है और 118 स्थानों पर जल संरक्षण नहीं किया जा रहा है। 520 परियोजनाओं का निरीक्षण नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि इस काम की देखरेख के लिए सिस्टम में कर्मचारियों की कमी है, जिसके परिणाम स्वरूप एक महत्वपूर्ण मुद्दे की उपेक्षा की गई है।