नासिक जिला: 26 मुख्य सिंचाई परियोजनाओं में पहुंचा 50.26% जलभंडार, जून के सूखे के बाद स्थिति में सुधार

Nashik Water Storage: जुलाई की मूसलाधार बारिश से नासिक के बांधों में पानी की आवक बढ़ी है। जिले की 26 सिंचाई परियोजनाओं में जलभंडार 50.26% तक पहुंच गया है, लेकिन यह पिछले वर्ष से करीब 9% कम है।
Nashik District: Water storage in 26 major irrigation projects reaches 50.26%; situation improves after a dry June.
नासिक बांध, जलभंडार,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: एआई फोटो)
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Nashik Dam Water Level: पिछले वर्ष मानसून के दौरान नासिक जिले के लगभग सभी बांध ओवरफ्लो हो गए थे। लेकिन इस वर्ष मानसून पूर्व अनुमान में बारिश सामान्य से कम होने की आशंका जताई गई थी। जून महीने में बारिश लगभग नदारद रहने से बांधों के जलभंडार को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

हालांकि जुलाई की शुरुआत से हुई मूसलाधार बारिश के कारण बांधों में पानी की आवक बढ़ी है और कुछ राहत मिली है। इसके बावजूद पिछले वर्ष की तुलना में जलभंडार अभी भी कम है।

रविवार 12 जुलाई सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले की 26 बड़ी एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में कुल 35 हजार 492 मिलियन घनफुट (50.26 प्रतिशत) जलभंडार उपलब्ध है। पिछले वर्ष इसी दिन यह जलभंडार 42 हजार 54 मिलियन घनफुट (59.55 प्रतिशत) था। यानी इस वर्ष जलभंडार लगभग 9 प्रतिशत कम है।

देर से आया मानसून, पिछले साल की अपेक्षा कम वर्षा

वर्तमान में जिले के 26 बांधों में से 11 बांधों में 50 प्रतिशत से अधिक पानी का भंडारण है, 10 बांधों में 25 से 50 प्रतिशत, जबकि 5 बांधों में 25 प्रतिशत से भी कम पानी उपलब्ध है। इसके अलावा कड़वा बांध 80.98 प्रतिशत, वालदेवी 72.55 प्रतिशत, दारणा 54.47 प्रतिशत, भाम 49.72 प्रतिशत, गिरणा 40.02 प्रतिशत तथा मुकणे 34.47 प्रतिशत जलभंडार पर है।

इस बीच नासिक जिले के अधिकांश बांधों से अभी पानी का विसर्ग शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में आगामी दिनों में होने वाली बारिश पर ही यह निर्भर करेगा कि बांध अपनी पूरी क्षमता तक भर पाएंगे या नहीं, प्रशासन के साथ-साथ किसानों और नागरिकों की नजर अब आने वाली बारिश पर टिकी हुई है।

किस जलाशय में अब तक कितना पानी हुआ जमा

बता दे कि इस बार मानसून देरी से शुरू हुआ जिसके कारण पिछले साल की अपेक्षा बांध कम भरे हैं। जिले में समान रूप से बारिश नहीं होने के कारण कुछ बांध तेजी से भर रहे है, जबकि कुछ में अभी भी अपेक्षित जलसंचय नहीं हो सका है। नासिक शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाले गंगापुर बांध में 71.47 प्रतिशत यानी 4 हजार 24 मिलियन घनफुट पानी उपलब्ध है।

कश्यपी बांध में 48.33 प्रतिशत, गौतमी-गोदावरी बांध में 82.71 प्रतिशत तथा आलंदी बांध में 25,49 प्रतिशत जलभंडार दर्ज किया गया है।

गगापुर बाघ समूह का कुल जलभडार 65.63 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जिले के अन्य प्रमुख बांधों में भावली बांध 88.70 प्रतिशत जलभंडार के साथ सबसे अधिक भरा हुआ है।

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