नासिक में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत: पंप संचालकों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, किसान परेशान
Nashik Fuel Crisis: नासिक में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति ठप होने से पंप संचालकों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई। ऑनलाइन कैपिंग और किल्लत से ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित।
- Written By: रूपम सिंह
पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत (सोर्स- सोशल मीडिया)
Nashik Petrol Shortage: नासिक जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में आ रही गंभीर बाधाओं के चलते जिले के पेट्रोल पंप संचालक लामबंद हो गए हैं। नासिक जिला पेट्रोल डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि ईंधन की किल्लत से न केवल वाहन चालक, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के किसान और परिवहन क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
आपूर्ति संकट और पंपों पर मची अफरा-तफरी
एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि कई पेट्रोल पंपों पर समय पर टैंकर नहीं पहुंच रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि कई पंपों पर कुछ ही घंटों में ईंधन खत्म हो जाता है, जिससे लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ताओं में तनाव का माहौल है। डीलर्स ने ऑनलाइन ‘कैपिंग सिस्टम’ के कारण ईंधन की सीमित बिक्री पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की है।
ग्रामीण इलाकों के किसानों पर बुरा असर
- ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि तेल कंपनियों को अग्रिम भुगतान करने के बावजूद पर्याप्त डीजल नहीं मिल रहा है। इसका सबसे बुरा असर ग्रामीण इलाकों के किसानों पर पड़ रहा है।
- खेती के कामों, कृषि उपकरणों और उपज के परिवहन के लिए डीजल की भारी किल्लत है, जिससे खेती की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
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संयुक्त बैठक बुलाकर समाधान निकालने की जरूरत
डीलर एसोसिएशन की मांग है कि यदि अंतरराष्ट्रीय कारणों से आपूर्ति प्रभावित है, तो प्रशासन जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करे। साथ ही, तेल कंपनियों, डीलरों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर समाधान निकालने की जरूरत है। इस बीच, नासिक जिला आपूर्ति अधिकारी ने तेल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों को प्राथमिकता दे और किसानों के लिए डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
