नासिक में एक महीने में 45 से ज्यादा भूकंपीय झटके, जर्जर इमारतों का फिर होगा सर्वे

Nashik Earthquake Safety: नासिक में एक महीने में 45 से अधिक भूकंपीय झटकों के बाद जर्जर इमारतों का दोबारा सर्वे होगा। संवेदनशील क्षेत्रों में खतरनाक स्कूलों के लिए पोर्टेबल स्कूल बनाए जाएंगे।
Over 45 seismic tremors in Nashik in a month
नासिक में जर्जर इमारतों का फिर होगा सर्वेफोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
Updated on

Nashik Earthquake Container Schools: नासिक जिले में पिछले एक महीने के दौरान 45 से अधिक हल्के भूकंपीय झटके महसूस किए जाने के बाद प्रशासन ने पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता बढ़ा दी है।

संभावित हादसों को रोकने के लिए जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं और महानगरपालिका प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्र में खतरनाक इमारतों का दोबारा सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

पिछले कुछ समय में दर्ज किए गए भूकंपीय झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.6 से 4.1 के बीच रही है। लगातार महसूस हो रहे झटकों के कारण नागरिकों में भी चिंता का माहौल है।

प्रशासन ने इसी पृष्ठभूमि में पहले से ‘रेड मार्क’ की गई और लंबे समय से जर्जर पड़ी इमारतों की मौजूदा स्थिति की तत्काल जांच करने को कहा है।

खतरनाक इमारतों की स्थिति की होगी जांच

जिलाधिकारी ने स्थानीय निकायों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली पुरानी और जोखिम वाली इमारतों का स्थल निरीक्षण करें। विशेष रूप से उन इमारतों पर ध्यान देने को कहा गया है, जिन्हें पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका है या जिन पर पूर्व में ‘रेड मार्क’ किया गया था।

प्रशासन का उद्देश्य संभावित भूकंपीय गतिविधियों के बीच कमजोर इमारतों से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकना है। सर्वेक्षण के बाद जरूरत के मुताबिक संबंधित इमारतों की मरम्मत, खाली कराने या अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों पर निर्णय लिया जाएगा।

Over 45 seismic tremors in Nashik in a month
5वीं के बच्चों की किताब में छपा ऐश्वर्या राय का 'निंबूड़ा-निंबूड़ा', शिक्षा विभाग पर उठे सवाल

भूकंप संवेदनशील क्षेत्रों में बनेंगे ‘कंटेनर पोर्टेबल’ स्कूल

इस बीच, भूकंप प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित खतरनाक स्कूल इमारतों को लेकर भी प्रशासन ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। ऐसी स्कूल इमारतों की तत्काल मरम्मत के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, जहां स्कूल की मौजूदा इमारत सुरक्षित नहीं है, वहां ‘कंटेनर पोर्टेबल’ स्कूल तैयार किए जाएंगे।

स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह नागरिकों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, उसी तरह बच्चों और शिक्षकों के लिए सुरक्षित स्कूल उपलब्ध कराना भी प्रशासन का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि भूकंप संवेदनशील क्षेत्रों में स्कूलों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जरूरत के अनुसार मरम्मत के साथ वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके।

लगातार भूकंपीय गतिविधियों के बीच प्रशासन की ओर से जर्जर इमारतों और स्कूल भवनों का दोबारा सर्वेक्षण कराए जाने को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com