काजू कारोबार के नाम पर 46.89 लाख की ठगी, गंगापुर पुलिस की कार्रवाई; तीन पर मामला दर्ज
Nashik Cashew Scam: नासिक में काजू प्रसंस्करण के नाम पर 46.89 लाख की ठगी। गंगापुर पुलिस ने तीन आरोपियों पर केस दर्ज किया, सभी फरार हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Financial Crime: नासिक काजू प्रसंस्करण और निर्यात के नाम पर शहर के एक व्यवसायी से 46 लाख 89 हजार रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भारी रिटर्न का लालच देकर की गई इस ठगी के मामले में गंगापुर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, इस धोखाधड़ी का मुख्य सूत्रधार अमन महादेव जाधव (निवासी पाथर्डी फाटा, नासिक) है। इसमें उसका साथ राजेंद्र पंढरीनाथ अमृतकर और उनके बेटे प्रसाद राजेंद्र अमृतकर (निवासी सोनगीर, जिला धुलिया) ने दिया।
शिकायतकर्ता मयूर प्रकाश अलई (43), जो मेडिकल क्षेत्र से जुड़े हैं, को ‘रेशम काजू मार्ट’ नामक कंपनी में निवेश करने पर हर महीने निश्चित लाभ देने का झांसा दिया गया था। आरोपियों ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए बाकायदा नोटरी और लिखित अनुबंध भी किया था।
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चेक बाउंस हुए तो खुला राज
भरोसे में आकर मयूर अलई ने सितंबर 2020 से जनवरी 2026 के बीच कुल 46 लाख 89 हजार रुपये का निवेश किया, शुरुआती तौर पर मुनाफे के वादे के साथ आरोपियों ने जो चेक दिए, वे बैंक खाते में राशि न होने के कारण बार-बार बाउंस हो गए, जब अलई ने अपनी मूल पूंजी वापस मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी, अंततः ठगे जाने का अहसास, होने पर उन्होंने धुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मशीनरी से फंसाते थे शिकार
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अमन जाधव ने लोगों को प्रभावित करने के लिए एक एकेडमी भी शुरू की थी।
वह अपने कार्यालय में प्रोसेसिंग मशीनरी दिखाकर यह आभास कराता था कि व्यवसाय बड़े पैमाने पर चल रहा है।
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पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह ने शहर के अन्य कई लोगों को भी अपना शिकार बनाया होगा।
गंगापुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई और भी इस ठगी का शिकार हुआ है, तो वह सामने आए।
