नासिक धर्मांतरण और दुष्कर्म मामला: जमानत मिलने के बाद भी जेल में ही रहेगी निदा खान
Nashik Rape Case: नासिक के चर्चित दुष्कर्म और कथित धर्मांतरण मामले में जमानत पाने वाली निदा खान ने 75 हजार रुपये का मुचलका जमा करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा है।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक, धर्मांतरण मामला, दुष्कर्म केस, निदा खान,(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Nashik Rape Case Nida Khan: नासिक एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत अविवाहित युवती के साथ दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण के प्रयास के सनसनीखेज मामले में एक नया मोड़ आया है। इस मामले में सशर्त जमानत पाने वाली महिला निदा एजाज खान ने एक बार फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया है। निदा ने अपने वकील के माध्यम से नासिकरोड अतिरिक्त सत्र न्यायालय में याचिका दायर कर 75 हजार रुपये का मुचलका जमा करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है।
इस अर्जी पर कोर्ट के फैसले के बाद ही उसकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो सकेगा। देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में अदालत ने 6 जुलाई को तौसीफ अत्तार और निदा खान की जमानत मंजूर कर ली थी, जबकि मुख्य आरोपी दानिश शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी।
तौसीफ के खिलाफ 5 अन्य आपराधिक मामले दर्ज होने के कारण उसे फिलहाल जेल में ही रहना होगा। वहीं निदा के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं, लेकिन मुंबई नाका मामले में पुलिस ने नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है।
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जेल में ही बीती मंगलवार की रात
सोमवार को जमानत मिलने के बाद निदा के मंगलवार को जेल से बाहर आने की संभावना थी। लेकिन अदालत ने उसे 75 हजार रुपये का व्यक्तिगत मुचलका और उतनी ही राशि का जमानती पेश करने की शर्त रखी थी।
निदा के वकील प्रतीक ताजनपुरे ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 484 के तहत अदालत में आवेदन देकर कहा, हम नकद राशि जमा करने के लिए तैयार हैं, लेकिन मुचलका पेश करने के लिए कुछ समय दिया जाए।
मंगलवार शाम तक इस पर कोई फैसला न होने के कारण निदा को फिलहाल नासिकरोड जेल में ही रहना पड़ेगा। अदालत ने जमानत के लिए सख्त शर्तें रखी हैं, जिसके तहत निदा खान को रिहाई से पहले अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करना होगा।
दानिश शेख की जमानत याचिका खारिज
इसके अलावा, उसे अपना और अपने करीबी रिश्तेदारों के मोबाइल नंबर पुलिस व अदालत को देने होंगे, यह पीड़िता या संबंधित कंपनी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संपर्क नहीं कर सकेगी।
मुख्य आरोपी दानिश शेख की जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणियां की। आरोपियों पर जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच सुनियोजित साजिश के तहत इस अपराध को अंजाम देने का आरोप है। दानिश, तौसीफ और निदा ने पीड़िता के धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
पीड़िता को बुर्का पहनने किया मजबूर
पीड़िता को जबरन बुर्का, हिजाब पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। निदा ने पीड़िता के मोबाइल में धार्मिक ऐप्स डाउनलोड कराए और यूट्यूब-इंस्टाग्राम के लिंक भेजकर धर्मांतरण का प्रयास किया। वहीं दानिश ने खुद शादीशुदा होने के बावजूद पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
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अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा जुटाए गए सबूत और गवाहों के बयान अपराध में दानिश की सीधी संलिप्तता को स्पष्ट करते हैं। अपराध की गंभीरता और सजा की तीव्रता को देखते हुए मुख्य गवाहों के बयान दर्ज होने से पहले दानिश को जमानत देना उचित नहीं है।
