

Nashik TCS Case Police Chargesheet: नासिक के आईटी सेक्टर में सामने आए इस बेहद संवेदनशील मामले की जांच कर रही नासिक पुलिस ने स्थानीय अदालत में अपनी विस्तृत चार्जशीट पेश कर दी है। चार्जशीट में दर्ज पीड़िता के बयानों ने इस पूरे मामले को कथित 'लव जिहाद' और संगठित जबरन धर्मांतरण की कोशिशों के एक बड़े उदाहरण के रूप में सामने ला दिया है। पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि किस तरह कॉरपोरेट ऑफिस के भीतर और बाहर उसके विश्वास का फायदा उठाकर उसे एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया था। लगातार दिए गए अत्यधिक मानसिक और धार्मिक दबाव के कारण वह धीरे-धीरे आरोपियों की बातों पर पूरी तरह विश्वास करने लगी थी।
नासिक पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी साक्ष्यों, तकनीकी सबूतों और गवाहों के बयानों को इस चार्जशीट में प्रमुखता से शामिल किया है।
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़िता को उसके मूल धर्म से पूरी तरह काटने की हरसंभव कोशिश की थी। उसे कार्यालय और घर पर हिंदू भक्ति गीत सुनने से साफ तौर पर रोका जाता था और मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करने की सख्त मनाही थी। मुख्य आरोपी दानिश शेख युवती को बार-बार यह समझाता था कि यदि वह इस्लाम अपना लेती है, तो उसकी जिंदगी के सारे मानसिक तनाव और चिंताएं हमेशा के लिए दूर हो जाएंगी। इसके लिए उसे नियमित रूप से तस्बीह पढ़ने और इस्लामिक प्रार्थनाएं करने के लिए विवश किया जाता था।
पीड़िता के आधिकारिक बयान में उल्लेख है कि आरोपी तौसीफ अत्तार और निदा खान लगातार उसके साथ जन्नत-जहन्नुम, कुर्बानी, बकरीद और ज़मज़म जैसे विषयों पर बार-बार चर्चा करते थे। उसे लगातार यह विश्वास दिलाया जाता था कि इस्लाम स्वीकार करने के बाद ही उसकी सांसारिक जिंदगी बेहतर और पवित्र हो पाएगी। पाकिस्तानी वक्ताओं के भड़काऊ वीडियो दिखाकर उसके मन में अपने ही धर्म के प्रति हीन भावना पैदा करने का घिनौना प्रयास किया जा रहा था। इस धार्मिक प्रताड़ना के समानांतर ही दानिश शेख ने शादी का नाटक रचकर युवती का लगातार शारीरिक और यौन शोषण भी जारी रखा।
इस मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपियों की नजर केवल युवती के धर्म और शरीर पर ही नहीं, बल्कि उसकी गाढ़ी कमाई पर भी टिकी हुई थी। चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने चालाकी से महिला के बैंक खाते के विवरण, उसके गोपनीय यूपीआई पिन और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन की पूरी जानकारी हासिल कर ली थी। इस वजह से पुलिस अब बड़े आर्थिक शोषण की आशंका के कोण से भी मामले की गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल यह पूरा मामला नासिक कोर्ट में विचाराधीन है और अदालत साक्ष्यों की अंतिम जांच के बाद आरोपियों की सजा पर फैसला सुनाएगी।