हर्षवर्धन सपकाल व विजय वडेट्टीवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Internal Strife In Congress Over Alliance With MNS In Nashik: महाराष्ट्र कांग्रेस में गठबंधन को लेकर बड़ी दरार सामने आई है। विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि मुंबई में कांग्रेस अकेले लड़ेगी, लेकिन नासिक में मनसे के साथ स्थानीय गठबंधन से उन्हें कोई समस्या नहीं है, जबकि प्रदेश अध्यक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया है।
कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए साफ किया कि मुंबई के पदाधिकारियों ने महानगर निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि मुंबई में सीट बंटवारे पर बातचीत का कोई सवाल ही नहीं है।
विजय वडेट्टीवार ने यह भी जोड़ा कि महा विकास आघाडी (एमवीए) के सहयोगी नहीं होने वाले दलों जैसे मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना), वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
हालांकि, इस बयान के तुरंत बाद कांग्रेस में आंतरिक कलह सामने आ गई। वडेट्टीवार ने नासिक इकाई द्वारा मनसे के साथ गठबंधन करने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नासिक इकाई को स्थानीय राजनीतिक स्थिति के आधार पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया था।
वडेट्टीवार ने कहा कि अगर नासिक में कांग्रेस इकाई ने मनसे के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है, तो यह केवल नासिक के लिए है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई मुद्दा होना चाहिए। उन्होंने भाजपा, अजित पवार की राकांपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना (महायुति) के साथ किसी भी गठबंधन से इनकार किया।
जहां वडेट्टीवार ने स्थानीय फैसले का समर्थन किया, वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने इस कदम का जोरदार खंडन किया। सपकाल ने बुलढाणा में पत्रकारों को बताया कि प्रदेश इकाई ने किसी को भी मनसे के साथ बातचीत करने के लिए अधिकृत नहीं किया था।
उन्होंने पुष्टि की कि मनसे के साथ गठबंधन को लेकर हुई बैठक में शामिल होने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सपकाल ने जोर देकर कहा कि नासिक के नेताओं ने प्रदेश इकाई से कोई चर्चा नहीं की थी, और गठबंधन सिर्फ ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों के साथ ही होना चाहिए।
इससे पहले, मनसे नेता दिनकर पाटिल ने संवाददाताओं को बताया था कि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने नासिक में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए महा विकास आघाडी (शिवसेना यूबीटी, राकांपा शरद चंद्र पवार और कांग्रेस) के साथ गठबंधन को अंतिम रूप दे दिया है।
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माकपा नेता डी एल कराड और स्थानीय कांग्रेस नेता राहुल दिवे ने भी इस निर्णय का समर्थन किया था। दिवे ने कहा कि उन्हें वरिष्ठों द्वारा स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट को सूचित करेंगे और पार्टी आलाकमान के आदेशों का पालन करेंगे।
गौरतलब है कि कांग्रेस कथित तौर पर एमवीए में मनसे को शामिल करने का विरोध कर रही है, हालांकि राकांपा (शरद चंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने 8 नवंबर को कांग्रेस पार्टी से आग्रह किया था कि वह मनसे पर अतिवादी रुख नहीं अपनाए और इस बारे में सोचे।