नासिक CAATS से पास आउट हुए 59 जांबाज आर्मी पायलट, 25 को मिले फ्लाइंग विंग्स, लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने दी बधाई
Indian Army Aviation Training: नासिक के CAATS से 59 सैन्य अधिकारी पास आउट हुए, जिनमें 25 को फ्लाइंग विंग्स मिले। लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने सेना में हाई-टेक ड्रोन्स के शामिल होने का ऐलान किया।
- Written By: आकाश मसने
नासिक में पास आउट हुए जांबाजों को सम्मानित करते सेना के अधिकारी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Indian Army Aviation Training: महाराष्ट्र के नासिक में स्थित प्रतिष्ठित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में भारतीय सेना के 59 जांबाज अधिकारियों ने अपना कड़ा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इनमें से लगभग 25 अधिकारियों को उनके बुनियादी उड़ान प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिष्ठित फ्लाइंग विंग्स से नवाजा गया है।
इस अवसर पर आर्मी ट्रेनिंग कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने कहा कि मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने पास आउट होने वाले सभी युवा पायलटों को बधाई देते हुए कहा कि यह समारोह दिखाता है कि भारतीय सेना अपने अधिकारियों को युद्ध के मैदान और किसी भी तरह के ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट के लिए कितनी व्यापकता से तैयार करती है।
23 साल में 1,794 लड़ाकू पायलट तैयार
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने बताया कि पिछले 23 वर्षों में इस संस्थान ने देश को 1,794 कुशल सैन्य विमानन अधिकारी दिए हैं। भारतीय सेना में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में इस स्कूल ने अब तक लगभग 20 महिला अधिकारियों को भी लड़ाकू विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दी है। इसके अलावा, भारत के मित्र देशों के जांबाज अफसरों को भी यहां विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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Nashik, Maharashtra: Combat Army Aviation Training School (CAATS) in Nashik conducted its Passing Out Parade, marking the successful completion of training for officers from several aviation courses, including helicopter, RPAS, instructor, and pilot-observer programmes pic.twitter.com/oRi56WZyo7 — IANS (@ians_india) June 2, 2026
CAATS में कोर्सेज की संख्या में 6 गुना इजाफा
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने बताया कि CAATS की समय यहां महज 3 कोर्स संचालित होते थे, जो आज छह गुना बढ़कर 18 हो चुके हैं। यहां हर साल करीब 150 अधिकारियों को बेसिक, एडवांस और कॉम्बैट-विशिष्ट विधाओं में 3 महीने का कड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है। हाल ही में आयोजित अभ्यास एविएशन शक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक्सरसाइज हमारे पायलटों और विमानों की उस बेजोड़ क्षमता को दर्शाती है, जिससे वे युद्ध के समय सटीक तालमेल बिठाकर दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकते हैं।
#WATCH | Nashik, Maharashtra: On 59 officers completing courses and 25 being awarded Flying Wings, Goc-in-C, Army Training Command, Lieutenant General Devendra Sharma, says, “At the Combat Army Aviation Training School (CATS), 59 of our officers have graduated. Of these,… pic.twitter.com/B1f9zIbLjh — ANI (@ANI) June 2, 2026
युद्ध के मैदान में गेमचेंजर बनेंगे नए लार्ज-स्केल ड्रोन्स
आधुनिक युद्धों में तकनीक और ड्रोन की भूमिका पर बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इंडियन आर्मी जल्द ही अत्याधुनिक लार्ज-स्केल ड्रोन्स को अपनी सेना में शामिल करने जा रही है।
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ये ड्रोन्स उन्नत इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और रीकॉनिसेंस (टोही) प्रणालियों से लैस हैं, जो दुश्मन के इलाके की सटीक और महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी जुटाने में पूरी तरह सक्षम हैं। लंबी दूरी तक मार करने और लंबे समय तक हवा में टिके रहने की क्षमता के कारण ये ड्रोन्स गेमचेंजर साबित होंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इनकी टेलीमेट्री प्रणाली इतनी एडवांस है कि यह रीयल-टाइम में हेडक्वार्टर तक खुफिया डेटा भेज सकती है, जिससे ऑन-स्पॉट त्वरित फैसले लिए जा सकेंगे।
