

NDA 150th Passing Out Parade In Pune: पुणे के ऐतिहासिक खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के परिसर में शनिवार का दिन बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली रहा। यहां एनडीए के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड (POP) का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवमयी परेड के साथ ही कुल 355 जांबाज कैडेट्स औपचारिक रूप से भारतीय सशस्त्र बलों यानी सेना, नौसेना और वायु सेना का हिस्सा बन गए। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, जिन्होंने मुख्य अतिथि और निरीक्षण अधिकारी के रूप में परेड की सलामी ली।
यह भव्य समारोह खेतरपाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया, जहां पास होने वाले कैडेटों ने सेना, नौसेना और वायु सेना में शामिल होने से पहले सैन्य सटीकता और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए मार्च पास्ट किया। इसे परेड को देख हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। इस कार्यक्रम का विशेष महत्व था, क्योंकि NDA के 65वें कोर्स के पूर्व छात्र रहे जनरल द्विवेदी, निरीक्षण अधिकारी के रूप में अपनी पुरानी संस्था (अल्मा मेटर) में वापस लौटे थे।
पासिंग आउट परेड (POP) के बाद भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने NDA कैडेटों और उनके परिवारों से मुलाकात की। उनसे बातचीत की और उनके साथ एक स्क्वाड्रन तस्वीर साझा की।
नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि 42 साल से भी पहले, मैं इसी क्वार्टर डेक से पास आउट हुआ था। उस समय मुझे इस बात का गर्व था कि इस एकेडमी ने मुझे क्या बनाया है और मैं आगे आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार था। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि मैं उन 24 कैडेट्स को भी बधाई देना चाहता हूं जो आज 12 मित्र देशों से यहां पास आउट हो रहे हैं।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आज के समय में खतरे हमेशा वर्दी पहनकर या किसी घोषित मोर्चे से ही नहीं आते। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने इस बात को साबित किया और एक नया पैमाना तय किया। जब देश की इच्छाशक्ति को पूरी सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ व्यक्त किया गया, तो यह स्पष्ट हो गया कि भारत किसी भी उकसावे का जवाब किस तरह देता है। अब इस उच्च मानक को बनाए रखने की जिम्मेदारी आप सभी की है। 'ऑपरेशन सिंदूर' में आपने जिस एकीकृत प्रतिक्रिया को देखा, उसकी नींव ठीक वैसी ही थी जैसी NDA डालता है। संयुक्तता जिसे केवल एक सिद्धांत के रूप में पढ़ा न जाए, बल्कि पहले ही दिन से तीनों सेनाओं के जवानों के साथ मिलकर एक सहज वृत्ति के रूप में जिया जाए।
खेतरपाल परेड ग्राउंड में आयोजित प्रतिष्ठित 'फुल ड्रेस रिहर्सल परेड' का निरीक्षण नेशनल डिफेंस एकेडमी के कमांडेंट, वाइस एडमिरल अनिल जग्गी (AVSM, NM) ने किया था। इस परेड का मुख्य आकर्षण 'फ्लाईपास्ट' था, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों की सटीकता और हवाई कौशल का शानदार प्रदर्शन किया गया। एयर फ़ोर्स स्टेशन लोहेगाँव से संचालित इस हवाई प्रदर्शन में Su-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलीकॉप्टर, सारंग हेलीकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम शामिल थीं।
150वें कोर्स के दीक्षांत समारोह के अवसर पर बोलते हुए कि 'P' स्क्वाड्रन के बटालियन कैडेट कैप्टन (BCC) सुशांत वर्मा ने अपनी शैक्षणिक प्रगति का श्रेय NDA के वातावरण को दिया। उन्होंने सामाजिक विज्ञान संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्मा ने कहा कि पढ़ाई-लिखाई में मैं एक औसत दर्जे का छात्र था। NDA में आने के बाद, मैंने बुनियादी बातों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
कंप्यूटर विज्ञान संकाय में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 'J' स्क्वाड्रन के कैडेट रणविजय त्यागी ने अपनी इस पूरी यात्रा के दौरान मिले सहयोग के लिए अपने माता-पिता और वरिष्ठों के प्रति आभार व्यक्त किया। त्यागी ने कहा कि मैं अपने माता-पिता का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने स्कूल के दिनों से ही मुझमें सीखने की यह आदत डाली। मैंने अपने वरिष्ठों से मदद ली और उनसे मार्गदर्शन प्राप्त किया। उनकी सहायता से ही मैं यह उपलब्धि हासिल कर पाया हूं।