नासिक के 26 अस्पतालों में गंभीर खामियां, मनपा ने जारी किए नोटिस; मनपा का बड़ा निरीक्षण अभियान
Nashik Municipal Corporation: नासिक मनपा की विशेष जांच में 26 अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। इसके बाद सभी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
- Written By: रूपम सिंह
नासिक महानगरपालिका(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Hospitals Issues Notice: नासिक महानगरपालिका के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने शहर के अस्पतालों में सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर एक बड़ा अभियान चलाया है। इस सघन जांच पड़ताल के दौरान 26 अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं, जिसके बाद मनपा ने इन सभी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
शहर के कुल 674 पंजीकृत अस्पतालों में यह विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के पीछे की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं- मुंबई नाका स्थित एक आईवीएफ केंद्र का नाम सामने आने के बाद विभाग ने जांच तेज कर दी थी।
जांच में अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और दस्तावेजी खामियों का खुलासा
महात्मानगर के एक अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच और अवैध गर्भपात की शिकायतों के चलते 15 विशेष जांच दल गठित किए गए थे। स्वास्थ्य विभाग की इन टीमों ने करीब एक महीने तक अस्पतालों के दस्तावेजों का बारीकी से निरीक्षण किया। इन गंभीर त्रुटियों के लिए मिली नोटिस जांच में कई अस्पताल आवश्यक सुरक्षा मानकों और कानूनी दस्तावेजों को पूरा करने में विफल रहे।
सम्बंधित ख़बरें
शाहिद कपूर और अमृता फडणवीस ने NSCI डोम में किया योगाभ्यास, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा VIDEO
छत्रपति संभाजीनगर में सीवरेज कार्य में बाधा डालने वालों पर दर्ज होगी FIR, कमिश्नर अमोल येडगे का सख्त रुख
वर्धा बिजली विभाग विवाद: बिना सूचना घर में घुसकर काटा कनेक्शन, 15 हजार के बिल पर जांच से पहले ही की कार्रवाई
पुणे में जलकुंभी हटाने पर खर्च को लेकर विवाद, 16.61 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा; मनपा पर उठे सवाल
प्रमुख कमियां ये हैं फायर ऑडिट और इलेक्ट्रक ऑडिट प्रमाणपत्रों का अभाव। बेड क्षमता के अनुसार स्वीकृत भवन नक्शे की कमी। जैविक कचरा प्रबंधन के प्रमाणपत्रों और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति का न होना। अस्पताल में ‘रोगी अधिकार चार्टर’ का बोर्ड न लगाना, नवीनीकरण दस्तावेजों की कमी और स्टाफ (डॉक्टर/नर्स) के हस्ताक्षरित फॉर्म का न होना।
प्रशासन की चेतावनी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय देवकर ने स्पष्ट किया है कि इन सभी 26 अस्पतालों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिनों का समय दिया गया है।
यह भी पढ़ें:-वर्धा बिजली विभाग विवाद: बिना सूचना घर में घुसकर काटा कनेक्शन, 15 हजार के बिल पर जांच से पहले ही की कार्रवाई
यदि अस्पताल प्रशासन की ओर से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है, तो उनका लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मनपा का यह कदम मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
