प्याज किसानों के लिए भुजबल का मोर्चा, लिखे 3 बड़े नेताओं को पत्र; संक्रांति से पहले भुगतान की मांग
Onion Procurement Issue: नासिक के प्याज किसानों की एनसीसीएफ व नाफेड के जरिए बेची गई प्याज की 25 प्रतिशत लंबित राशि मकर संक्रांति से पहले जारी करने की मांग मंत्री छगन भुजबल ने की है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Onion Farmers: नासिक महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने नासिक जिले के हजारों प्याज उत्पादक किसानों के पक्ष में मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने एनसीसीएफ और नाफेड के माध्यम से प्याज बेचने वाले किसानों की लंबित 25 प्रतिशत राशि को मकर संक्रांति से पहले तत्काल जारी करने की मांग की है।
इस गंभीर मुद्दे पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। मंत्री भुजबल ने अपने पत्र में रेखांकित किया है कि नासिक जिला देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक क्षेत्र है।
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प्याज बेल्ट में गहराया आर्थिक संकट
जून से जुलाई 2025-26 के सीजन में केंद्र सरकार की ‘मूल्य स्थिरीकरण निधि योजना’ के तहत लगभग तीन लाख मीट्रिक टन प्याज की खरीद की गई थी। सरकारी प्रावधानों के अनुसार खरीद के तुरंत बाद पूरा पैसा मिलना चाहिए था, लेकिन किसानों को अब तक केवल 75 प्रतिशत भुगतान ही किया गया है।
पिछले पांच महीनों से शेष 25 प्रतिशत राशि लंबित है, जो करीब 100 करोड़ रुपये बैठती है। इसके कारण किसानों की दैनिक आजीविका और अगली फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है।
संक्रांति के पर्व पर न्याय की उम्मीद
मकर संक्रांति महाराष्ट्र के किसानों के लिए सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। भुजबल ने अपनी चिट्टी में इस भावनात्मक पहलू को जोड़ते हुए कहा कि यह पर्व किसानों के लिए खुशियां लेकर आता है, लेकिन जेब खाली होने के कारण किसान इस बार निराश है। यदि 14 जनवरी से पहले किसानों के बैंक खातों में पैसा जमा हो जाता है, तो वे अपने परिवार के साथ गरिमा के साथ त्योहार मना सकेंगे।
मांगें न मानने पर आंदोलन की धमकी
बकाया भुगतान न मिलने से किसानों का सब्र अब जवाब दे रहा है। 5 जनवरी 2026 को नासिक के कई तालुकों में किसानों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।
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किसानों को खेती के अगले सीजन के लिए बीज, खाद और कीटनाशकों की खरीद करनी है। समय पर पैसा न मिलने से बैंको और साहूकारों के कर्ज की किश्तें भी बाउंस हो रही है, जिससे किसानों में गहरा रोष है।
भुजबल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
