कमर में बंदूक और रिमोट वाले नकली सांप, अशोक खरात का नया कारनामा, ऐसे चलता था अघोरी साम्राज्य
Ashok Kharat SIT Investigation: नासिक के अशोक खरात केस में SIT का बड़ा खुलासा। रिमोट वाले नकली सांपों से डराकर करता था ठगी, कमर में बंदूक लगाकर फैलाता था दहशत। जांच तेज।
- Written By: अनिल सिंह
Ashok Kharat SIT Investigation (फोटो क्रेडिट-X)
Ashok Kharat SIT Investigation Update: नासिक के कुख्यात ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात के काले कारनामों की परतें अब धीरे-धीरे खुलनी शुरू हो गई हैं। विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश में रविवार को जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने न केवल पुलिस बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी हैरान कर दिया है। खरात केवल एक कथित ज्योतिषी ही नहीं, बल्कि एक शातिर अपराधी की तरह अपनी समानांतर सत्ता चला रहा था। वह हर शनिवार और रविवार को सिन्नर तालुका के मिरगाव स्थित अपने आलीशान फार्म हाउस पर रुकता था, जहाँ उसकी जीवनशैली किसी पेशेवर गुंडे जैसी थी।
स्थानीय निवासियों और पीड़ितों के अनुसार, अशोक खरात अपनी दहशत फैलाने के लिए हथियारों का खुला प्रदर्शन करता था। वह रोजाना सुबह 10 से 12 किलोमीटर साइकिलिंग करता था, लेकिन इस दौरान वह अपनी कमर में सरेआम पिस्तौल लगाकर घूमता था। बंदूक की नोंक पर उसने पूरे मिरगाव क्षेत्र में अपना खौफ कायम कर रखा था, जिसके डर से ग्रामीण उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे।
नकली सांप और रिमोट वाले बाघ से दिखाता था ‘चमत्कार’
SIT की जांच में खरात के ‘अघोरी साम्राज्य’ का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा सामने आया है। मिरगाव के ईशानेश्वर मंदिर में उसने लोगों को डराने और अपना विश्वास जमाने के लिए रिमोट कंट्रोल से चलने वाले नकली सांप और बाघ रखे हुए थे। अघोरी पूजा के दौरान वह अचानक इन नकली जानवरों की हलचल कराता था, जिससे श्रद्धालु इसे साक्षात चमत्कार मान लेते थे। भय और सम्मोहन के इस खेल के जरिए वह भक्तों से लाखों रुपये ऐंठता था। वह 100 रुपये के साधारण पत्थरों को ‘चमत्कारी रत्न’ बताकर लोगों की आर्थिक स्थिति के अनुसार 10 हजार से 1 लाख रुपये तक में बेचता था।
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किसानों की जमीनों पर कब्जा और कानूनी धमकियाँ
अशोक खरात की दहशत केवल मंदिर तक सीमित नहीं थी। जांच में पता चला है कि उसने अपनी ताकत और रसूख का इस्तेमाल कर मिरगाव क्षेत्र के कई गरीब और छोटे किसानों की बेशकीमती जमीनें हड़प लीं। जिन किसानों ने अपनी जमीन देने से इनकार किया, उन्हें खरात ने बंदूक की नोंक पर धमकाया और उनके खिलाफ झूठे पुलिस केस दर्ज करवाए। पीड़ितों का आरोप है कि वह लोगों को अदालती चक्करों में फंसाकर उन्हें अपनी जमीनें छोड़ने के लिए मजबूर कर देता था। SIT अब इन जमीन विवादों के दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच कर रही है।
पुजारी और कर्मचारियों से 8 घंटे की मैराथन पूछताछ
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई तक पहुँचने के लिए SIT और नासिक पुलिस ने अब खरात के करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईशानेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी, बंगले के वॉचमैन और देखरेख करने वाले कर्मचारियों से लगभग 8 घंटे तक मैराथन पूछताछ की गई। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि खरात के इन अघोरी अनुष्ठानों और यौन शोषण की वारदातों में और कौन-कौन शामिल था। वर्तमान में खरात के खिलाफ यौन शोषण के तीन अलग-अलग मामले दर्ज हैं और SIT की सक्रियता से जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
