Ashok Kharat ED Investigation Nashik (डिजाइन फोटो)
Ashok Kharat News: खुद को ‘कैप्टन’ और ‘गॉडमैन’ बताने वाले अशोक खरात के खिलाफ कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। नासिक पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) ने अब इस मामले की कमान प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ साझा कर दी है। मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को SIT ने अशोक खरात के वित्तीय साम्राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज ED को सौंप दिए हैं। इन दस्तावेजों में 100 से अधिक अचल संपत्तियां, जिनमें बेशकीमती जमीनें और लग्जरी फ्लैट शामिल हैं, का पूरा ब्योरा दिया गया है।
ED ने इन दस्तावेजों और नासिक में दर्ज कई FIR के आधार पर खरात के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि खरात ने महिलाओं के शोषण और धोखाधड़ी से कमाए गए काले धन को रियल एस्टेट और बेनामी बैंक खातों में निवेश किया है।
SIT की जांच में खरात के नाम या उसके करीबियों के नाम पर खुले 130 से अधिक बैंक खातों की जानकारी मिली है। इन खातों के माध्यम से लगभग 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला है। SIT प्रमुख तेजस्वी सातपुते ने पुष्टि की है कि ED ने मामले का संज्ञान लिया है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। अब ED इन बैंक रिकॉर्ड्स और विदेशों से जुड़े संभावित लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि धन के स्रोत (Source of Funds) का पता लगाया जा सके।
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सूत्रों के अनुसार, ED की टीमें नासिक, मुंबई और पुणे में खरात से जुड़े ठिकानों पर किसी भी वक्त बड़ी छापेमारी कर सकती हैं। पुलिस ने खरात के आवास और कार्यालय से पहले ही सैकड़ों आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य फर्जी पहचान पत्र जब्त किए हैं। जांच का एक बड़ा हिस्सा CDR (Call Detail Records) पर भी आधारित है, जिससे यह पता लगाया जा रहा है कि खरात के वित्तीय सिंडिकेट में कौन-कौन से प्रभावशाली लोग शामिल थे।
अशोक खरात पर केवल आर्थिक अपराध ही नहीं, बल्कि बलात्कार, काला जादू (अघोरी प्रथा) और जबरन वसूली जैसे 10 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वह अपनी कथित आध्यात्मिक छवि का इस्तेमाल महिलाओं के शारीरिक शोषण और लोगों को आर्थिक रूप से ठगने के लिए करता था। कल, 8 अप्रैल को खरात की पुलिस कस्टडी खत्म हो रही है, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। SIT और ED की यह संयुक्त कार्रवाई खरात के ‘काले साम्राज्य’ को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।