अशोक खरात मामला: वारिस पठान ने उठाया सवाल, कहा- ‘वीडियो में दिख रहे प्रभावशाली चेहरों की हो जांच’
Waris Pathan On Ashok Kharat: नासिक के अशोक खरात मामले में वारिस पठान ने राजनीतिक मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। अब आयकर विभाग खरात के बैंक ट्रांजैक्शन्स और संपत्तियों की जांच करेगा।
- Written By: अनिल सिंह
Waris Pathan On Ashok Kharat (फोटो क्रेडिट-X)
Waris Pathan On Ashok Kharat Nashik Case: महाराष्ट्र के नासिक में कथित ज्योतिषी और खुद को ‘बाबा’ बताने वाले अशोक खरात के खिलाफ दुष्कर्म का मामला अब एक बड़े सियासी संग्राम में तब्दील हो चुका है। एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान के हालिया बयानों ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है। पठान ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि खरात के रसूखदार राजनेताओं के साथ गहरे संबंध थे और इसी संरक्षण के चलते वह लंबे समय तक महिलाओं का शोषण करता रहा। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की पुरजोर मांग की है।
वारिस पठान ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों का हवाला देते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर शासन-प्रशासन को इस बात की भनक कैसे नहीं लगी कि धर्म की आड़ में इतना बड़ा खेल चल रहा है। एएनआई को दिए अपने बयान में पठान ने कहा कि जब प्रभावशाली लोग ऐसे ‘ढोंगी बाबाओं’ के साथ खड़े नजर आते हैं, तो आम जनता के बीच गलत संदेश जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चाई का सामने आना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की वारदातों को अंजाम न दे सके।
वारिस पठान के तीखे सवाल और राजनीतिक मिलीभगत के आरोप
वारिस पठान ने जांच एजेंसियों से उन सभी वीडियो की सत्यता जांचने को कहा है जिनमें कई प्रभावशाली राजनेता और अधिकारी कथित तौर पर अशोक खरात के साथ नजर आ रहे हैं। पठान का तर्क है कि बिना किसी बड़े राजनीतिक संरक्षण के कोई भी व्यक्ति इतने बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्यों समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और क्या जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है? यह मुद्दा अब केवल एक आपराधिक केस नहीं, बल्कि शासन की साख का सवाल बन गया है।
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आयकर विभाग की एंट्री: खंगाला जाएगा बैंक और निवेश रिकॉर्ड
मामला अब केवल आपराधिक आरोपों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब इसमें वित्तीय अनियमितताओं की जांच भी जुड़ गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग जल्द ही इस केस की जांच अपने हाथ में ले सकता है। विभाग का मुख्य उद्देश्य अशोक खरात की आय के उन गुप्त स्रोतों का पता लगाना है, जिनसे उन्होंने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया। खरात के बैंक ट्रांजैक्शन्स, शेयर बाजार में निवेश और हवाला के जरिए पैसों के संभावित लेन-देन के रिकॉर्ड को बारीकी से खंगाला जाएगा।
फंडिंग के स्रोतों और बेनामी संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी
जांच का दायरा केवल अशोक खरात तक ही सीमित नहीं होगा, बल्कि उन ‘साइलेंट पार्टनर्स’ और डोनर्स को भी रडार पर लिया जाएगा जिन्होंने कथित रूप से उन्हें वित्तीय मदद पहुंचाई। अधिकारियों का विशेष ध्यान उन संपत्तियों पर है जो हाल के वर्षों में बाजार मूल्य से कम या संदिग्ध तरीके से खरीदी गई हैं। यह देखा जाएगा कि इन संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल किया गया पैसा वैध था या किसी अपराध की कमाई थी। यदि कोई भी अनियमितता पाई जाती है, तो संपत्तियों को कुर्क करने और संबंधित सहयोगियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।
