

Maharashtra Heatwave 2026 News Update: सावधान हो जाइए!!!!!इस साल भारत में गर्मी का मौसम काफी मुश्किल भरा रहने वाला है। देश के कई शहर गर्मी के शुरुआती दौर में ही ही दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में शामिल हो चुके हैं।
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में, अकोला शहर में तापमान कई बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है, जिससे यह दुनिया के सबसे गर्म शहरों में से एक बन गया है। अमरावती, वर्धा और नागपुर जैसे अन्य शहरों में सुबह से ही आग बरस रही है।
यह सामान्य समय से काफी पहले ही शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्य भारत जैसे क्षेत्रों में गर्मी और भी बढ़ने वाली है।
अहमदाबाद, राजकोट और नागपुर जैसे कुछ शहरों में तापमान पहले ही 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। यहां आने वाले सप्ताह में तापमान 44 डिगी सेल्सियस तक पहुँच सकता है। यदि हम मौसम के आँकड़ों पर नजर डालें, तो दुनिया के सबसे गर्म शहरों में से इस समय भारत और खासकर महाराष्ट्र के कई शहर शामिल हो चुके है। इसका मुख्य कारण तेज हवाएं, साफ आसमान और बारिश का लगभग न होना है।
मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि इस साल गर्मी का मौसम सामान्य से कहीं अधिक गर्म रहने वाला है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मई के मध्य तक कई दिनों तक 'लू' (हीटवेव) चलने की आशंका है। कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य स्तर से 4-8 डिग्री तक अधिक बढ़ सकता है। देश के कुछ हिस्सों में तो तापमान 50 डिग्री के करीब भी पहुंच सकता है।
नई गाइडलाइन के अनुसार, श्रमिकों के लिए काम का समय सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 4 बजे से 8 बजे तक निर्धारित किया गया है, दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक के बीच काम पूरी तरह बंद रहेगा, कार्यस्थलों पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था के अलावा ओआरएस और इलेक्ट्रोलाइट्स उपलब्ध कराने के अलावा नियमित हाइड्रेशन ब्रेक देने के आदेश दिए गए है।
20 अप्रैल से पुणे अलग-अलग स्थानों पर बारिश संभावना है। इससे कुछ राहत मिलेगी, लेकिन हीटवेव देखते हुए लोग सुबह 11 से शाम 4 बजे तक धूप में जाने से बचें। - डॉ अनुपम कश्यपी, मौसम विज्ञानी, पुणे
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच राज्य सरकार ने हीटवेव से निपटने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी की है। इसके तहत खास तौर पर आउटडोर काम करने वाले श्रमिकों के लिए काम के घंटे बदले गए हैं, साथ ही अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक लागू किए गए हैं। सरकार के निर्देशों के अनुसार अब कंस्ट्रक्शन, लॉजिस्टिक्स और अन्य बाहरी कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए सुबह जल्दी और शाम के समय काम करने की व्यवस्था की जाएगी, जबकि दोपहर के समय काम पर रोक रहेगी।