अशोक खरात से संपर्क करने वाले सभी नेताओं का नाम उजागर, प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंजलि दमानिया ने किया बड़ा खुलासा

Anjali Damania on Ashok Kharat Case: अंजलि दमानिया ने जारी की खरात के संपर्क में रहे नेताओं की सूची। एकनाथ शिंदे, जयंत पाटिल और चाकणकर परिवार के नाम शामिल।
Anjali Damania Press Conference Ashok Kharat
Anjali Damania Press Conference Ashok Kharat (डिजाइन फोटो)
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Anjali Damania Press Conference Ashok Kharat: नासिक के कुख्यात जालसाज अशोक खरात मामले में सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महाराष्ट्र की राजनीति में भूकंप ला दिया है।

दमानिया ने उन राजनेताओं और अधिकारियों की एक विस्तृत सूची जारी की है, जो कथित तौर पर खरात के संपर्क में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि खरात की 'दैवीय शक्ति' के दावों और ठगी के साम्राज्य को फलने-फूलने में रसूखदार लोगों का बड़ा हाथ रहा है।

कॉल डिटेल्स के साथ बड़ा खुलासा

दमानिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि अशोक खरात के संपर्क में कुल 1825 लोग थे। उन्होंने सबसे ज्यादा कॉल करने वाले 10 नंबरों का विवरण साझा करते हुए बताया कि ये लोग कितनी बार और कितनी देर तक खरात से बात करते थे। दमानिया ने कहा, "खरात इतना बड़ा अपराधी कैसे बन गया? उसे राजनेताओं और अधिकारियों ने पाल-पोस कर बड़ा किया। मुंबई में तैनात एक डिप्टी कलेक्टर उसकी लगातार मदद कर रहा था।"

लिस्ट में दिग्गजों के नाम: शिंदे, तटकरे और पाटिल

अंजलि दमानिया ने जो सूची पेश की है, उसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के कई बड़े चेहरों का नाम शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इन नेताओं के अपराध में शामिल होने का दावा नहीं कर रही हैं, लेकिन ये सभी खरात के सक्रिय संपर्क में थे। सूची में शामिल प्रमुख नाम:

  • उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनील तटकरे।
  • एनसीपी के जयंत पाटिल (जिनका नाम आने पर दमानिया ने हैरानी जताई)।
  • चंद्रकांत पाटिल और उनके पीए मंगेश देशपांडे।
  • नासिक के विधायक नितिन पवार और पूर्व विधायक शिवाजी शाहणे।
  • चाकणकर परिवार: रूपाली चाकणकर, सोहम चाकणकर और प्रतिभा चाकणकर के कॉल रिकॉर्ड्स।
  • दमानिया ने यह भी बताया कि दीपक केसकर के नंबर से 19 बार कॉल किए गए और पद्मश्री पोपटराव पवार का नाम भी संपर्क सूची में मिला है।

साजिश और 'फरारी' पर सवाल

दमानिया ने आरोप लगाया कि कल्पना खरात और हर्षवर्धन खरात को जानबूझकर छिपाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इन दोनों की गिरफ्तारी हो जाती है, तो इस पूरे रैकेट के पीछे की असली साजिश और उन्हें संरक्षण देने वाले चेहरों का पर्दाफाश हो जाएगा। उनके अनुसार, कई राजनेता शायद अपनी किस्मत चमकाने या किसी स्वार्थ के लिए खरात के पास जाते थे, लेकिन उनके इसी समर्थन ने खरात के हौसले बुलंद किए।

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