अजित पवार के कहने पर मराठा पोर्टल बंद? नरेंद्र पाटिल ने लगाए आरोप, बोले- 15,000 युवकों का नुकसान

Maratha Portal Shutdown: नरेंद्र पाटिल ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भुजबल के कहने पर मराठा पोर्टल बंद कराया, जिससे हजारों युवकों को नुकसान हुआ।
Maratha Portal Shutdown: नरेंद्र पाटिल ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भुजबल के कहने पर मराठा पोर्टल बंद कराया, जिससे हजारों युवकों को नुकसान हुआ।
नरेंद्र पाटिल और अजित पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Narendra Patil Allegations: अण्णासाहब पाटिल आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल के अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार और राकांपा के नेता एवं खाद्य तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अध्यक्ष पाटिल ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मंत्री छगन भुजबल के कहने पर अण्णासाहब पाटिल आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल का पोर्टल बंद कराया।

उन्होंने कहा कि यह पोर्टल जानबूझकर बंद रखा गया, जिससे हजारों मराठा युवकों को नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अजित अक्सर चिड़चिड़ा व्यवहार करते हैं। पाटिल ने आगे कहा कि मंत्री भुजबल, महामंडल के प्रबंध निदेशकों को निर्देश देकर पोर्टल बंद करवाते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि सरकार में संतुलन नहीं है और उपमुख्यमंत्री अजित के कहने पर यह सब हो रहा है।

15,000 मराठा युवकों का नुकसान

पोर्टल बंद रहने के कारण 15,000 मराठा युवकों को लाभ नहीं मिल पाया। भुजबल ने विभिन्न आंदोलनों में महामंडल का उल्लेख किया है। चूंकि महामंडल अजित पवार के अधिपत्य में आता है, इसलिए उनके निर्देशों के अनुसार यह सभी कार्य योजना बनाई गई। विभाग की ओर से महामंडल के प्रबंध निदेशकों को निर्देश भेजे गए होंगे। कोई भी सॉफ्टवेयर 12 से 24 घंटे बंद रह सकता है, लेकिन इस सॉफ्टवेयर को 1 महीने से बंद रखने के कारण सरकार इसमें बाधा उत्पन्न कर रही है।

महामंडल के एमडी पहल नहीं कर रहे

नरेंद्र पाटिल ने कहा कि इस संदर्भ में उन्होंने राधाकृष्ण विखे पाटिल से संपर्क साधा था। उन्होंने मुख्यमंत्री को भी संदेश भेजा था। यह खाता अजित पवार के अधिपत्य में आता है, इसलिए कोई और इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इसलिए वेबसाइट को चालू करने के लिए महामंडल के एमडी पहल नहीं कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी अपनी ताकत दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार के बाद इन अधिकारियों को गड़चिरोली जैसी जगहों पर तबादला किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मराठा समाज व्यवसाय के माध्यम से अपने पांव पर खड़ा होता है, व्यवसाय करता है, यह बात कुछ लोगों को नागवार गुजर रही है। यही कारण है कि यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।

राकां के मंत्रियों के निर्देशानुसार साजिश

नरेंद्र पाटिल ने कहा कि अगर अजित पवार से कुछ मांगते हैं, तो उन्हें लगता है कि मैं पैसे लेने आया हूं। वे हमेशा चिड़चिड़े रहते हैं। इसलिए मैं उनके पास जाना टालता रहा और इसके बजाय विखे पाटिल के पास गया। मंगलवार को मराठा समाज के समन्वयक राधाकृष्ण विखे पाटिल उनसे मिलने वाले हैं। उसके बाद समाधान निकल जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि 300 से 350 करोड़ रुपये बैंक में रखे जाते हैं, इसका फायदा अधिकारियों को होता है या नहीं? लाभार्थियों को ब्याज देने के बजाय पैसे बैंक में रखने से अधिकारियों को फायदा होता है या नहीं? मुझे इस पर संदेह है, इसलिए इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय सिंह देशमुख सतारा के हैं और मानखटाव के हैं। शुरू में वे अच्छे अधिकारी लगे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना असली रंग दिखाया और पोर्टल बंद कर दिया। पोर्टल बंद करने की साजिश राकां के मंत्रियों के निर्देशानुसार हुई है।

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