सातपुर : किराए पर दी हुई दुकान को खाली करवाने के लिए गए मालिक को किरायादार ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर जाती वाचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में सातपूर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ क्रूरता का अपराध दाखिल किया है। बताया जा रहा है कि इसी दुकान मालिक ने चार दिन पहले सातपुर पुलिस स्टेशन (Satpur Police Station) में मध्यस्थ दीपक लोंढे और 2 अन्य के खिलाफ रंगदारी का झूठा मामला दर्ज (Case Registered) कराया था। इस मामले में सातपुर पुलिस की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है।
सातपुर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार रविंद्र मुरलीधर चोखे (53) प्रबुद्धनगर निवासी की सातपुर एमआईडीसी में एसएम नाम की 70 नंबर की दुकान है। चोखे को पैसों की जरूरत थी इसलिए उसने भदौरिया को दुकान पट्टे पर दे रखी थी। जब चोखे दुकान खाली करने का नोटीस देने गया तो गुलशनसिंह भदौरिया, उसके पिता बृजभूषण भदौरिया, प्रमोद जाधव और शरद जाधव ने उसे जाती वाचक गालियां दे कर जान से मारने की धमकी दी। आगे की जांच पुलिस सब इंस्पेक्टर शाम जाधव कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले भी चोखे ने गुलशन भदौरिया को दुकान खाली करने को कहा था तक भदौरिया ने चोखे के भांजे को कार से टक्कर मार दी थी। ऐसी शिकायत चोखे ने की है। पूर्व पार्षद दिक्षा लोंढे के पती दीपक लोंढे को मध्यस्थी बनाने के लिए चोखे के कहने पर दुकान का पिछले भाग का अनाधिकृत शेड निकाल देने के लिए लोंढे भदोरिया के पास गए थे। उन्हें भी इस केस में फंसाने के लिए भदोरिया ने कई बार फोन कर के लोंढे को बुलाया भी था। सातपुर पुलिस ने झूठ अपराध दर्ज किया है लेकिन इस मामले में लोंढे परिवार को परेशानी उठानी पड़ी।