400 करोड़ की कंटेनर लूट से कर्नाटक की राजनीति में हड़कंप, संदीप पाटिल अपहरण कांड से खुला राज

Sandeep Patil Kidnapping Case: नासिक के संदीप पाटिल अपहरण मामले से जुड़े 400 करोड़ रुपये के कंटेनर लूट कांड ने कर्नाटक की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है।
400 crore container robbery
Sandeep Patil kidnapping case (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik SIT Investigation: नासिक के संदीप पाटिल अपहरण मामले और उससे जुड़े 400 करोड़ रुपये के कंटेनर लूट कांड ने कर्नाटक के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। हालांकि यह घटना कर्नाटक के बेलगाम जिले के चोरला घाट क्षेत्र में हुई थी, लेकिन वर्तमान में जांच की कमान नासिक ग्रामीण पुलिस के हाथों में होने के कारण कर्नाटक सरकार की भूमिका चर्चा का विषय बनी हुई है।

कर्नाटक के गृहमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमारे स्तर पर भी प्राथमिक जांच शुरू है। जैसे ही महाराष्ट्र पुलिस से आधिकारिक जानकारी प्राप्त होगी, हम विशेष जांच दल का गठन कर दोषियों को ढूंढ निकालेंगे।”

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

दूसरी ओर, स्थानीय विधायक यतनाल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्नाटक की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कुछ महिला नेताओं और सामाजिक संगठनों ने मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग भी की है।

नासिक SIT की जांच में जुटी कड़ियां

घटना के दो महीने बाद मामला सामने आने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नासिक ग्रामीण पुलिस की एसआईटी, जिसका नेतृत्व आदित्य मिरखेलकर कर रहे हैं, मामले की गोपनीय जांच कर रही है। अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 4 न्यायिक हिरासत में हैं। मुख्य आरोपी विराट गांधी और मच्छिंद्र मढवी की पुलिस हिरासत पर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। सूत्रों के मुताबिक, भिवंडी के मच्छिंद्र मढवी के गिरोह ने ही चोरला घाट में कंटेनर लूटा था।

फरार आरोपियों की तलाश में ठाणे पहुंची पुलिस

फिलहाल 6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, लेकिन मुख्य संदिग्ध किशोर सावला, अज़हर अली और मढवी के अन्य साथियों की तलाश जारी है। नासिक ग्रामीण पुलिस का एक दल आरोपियों की धरपकड़ के लिए ठाणे इलाके में तैनात है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने कर्नाटक की राजनीति को हिला कर रख दिया है।

राज्य सरकार का रुख अब भी स्पष्ट नहीं

नासिक ग्रामीण पुलिस द्वारा आधिकारिक पत्राचार किए जाने के बावजूद कर्नाटक सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, जहां भाजपा हमलावर है; वहीं महाराष्ट्र में गृह मंत्रालय भाजपा के पास है। ऐसे में इस बहुचर्चित लूटकांड की जांच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों के बीच क्या सच सामने ला पाएगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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