तीन साल बाद सोयाबीन के दाम में 5300 रुपये का उछाल, लेकिन 75% किसानों को नहीं मिला फायदा
Soybean Price: तीन साल की मंदी के बाद नासिक में सोयाबीन के भाव 5200–5300 प्रति क्विंटल पहुंचे हैं, लेकिन 75% किसान पहले ही माल बेच चुके होने से लाभ नहीं ले पाए।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
NAFED/NCCF Purchase: नासिक करीब तीन से साढ़े तीन साल की लंबी मंदी के बाद, सोयाबीन के मार्केट प्राइस में बड़ी उछाल आई है। नासिक समेत जिले की दूसरी मार्केट कमेटियों में सोयाबीन का भाव सीधे 5200 से 5300 प्रति क्विंटल तक पहुंचने से किसान बहुत खुश हैं।
जिले के अलग-अलग एनसीसीएफ खरीद सेंटर पर 4781 क्विंटल सोयाबीन खरीदा गया है। हालांकि, असलियत यह सामने आई है कि अधिकतर किसानों को इस कीमत बढ़ोतरी का फायदा नहीं मिला है। क्योंकि, कहा जा रहा है कि 75 परसेंट किसान अपना माल पहले ही बेच चुके हैं। इसलिए, कुल सोयाबीन उगाने बालों में से सिर्फ 25 परसेंट को ही बढ़ी हुई कीमत का फायदा मिलेगा।
- 70 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की फसल उगाई गई खरीफ सीजन में जिले में 70 हजार हेक्टेयर एरिया में सोयाबीन की फसल उगाई गई थी।
- पिछले पंद्रह दिनों में सोयाबीन के दाम 700 से 800 रुपये बढ़ गए हैं।
- दिसंबर के आखिर में सोयाबीन के दाम 4,300 से 4,400 रुपये थे, जो सीधे 5,000 रुपये के पार चले गए हैं।
- बहुत कम समय में हुई इस बढ़ोतरी से मार्केट में चर्चाएं तेज हो गई है।
- घरेलू सोयाबीन का स्टॉक काफी हद तक कम हो रहा है।
- तेल मिलों की डिमांड बढ़ गई है। इम्पोर्टेड तेल के दाम ऊपर-नीचे हो रहे हैं।
- किसानों की सप्लाई लगभग खत्म हो गई है, मार्केट में तेजी है।
पिछले साल बेमौसम बारिश से फसल को हुआ था नुकसान
इस साल जिले में भारी बारिश के कारण सोयाबीन को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है, कई किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई। जबकि जो चची भी, उसे शुरुआती समय में उम्मीद के मुताबिक दाम नहीं मिले।
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इसलिए, पैसे की दिक्कतों की वजह से किसानों ने अपना माल कम दामों पर बेचने का फैसला किया। 2019-20 के बाद पहली बार सोयाबीन का मार्केट प्राइस 5,000 रुपये के पार गया है।
पिछले तीन सालों से कीमत 3,500 रुपये से 4,200 रुपये के बीच अटकी हुई थी। इस वजह से किसान पैसे की दिक्कत में थे। हालांकि, इस साल अचानक आई तेजी ने मार्केट की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।
