‘जल जीवन मिशन’ योजना में भ्रष्टाचार का आरोप, मनसे ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
Nashik News: जल जीवन मिशन योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस मामले में मनसे ने जिला कलेक्टर कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
- Written By: सोनाली चावरे
मनसे ने जिला कलेक्टर कार्यालय में सौंपा ज्ञापन (pic credit; social media)
नासिक: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पानी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना नाशिक जिले में क्रियान्वयन के मोर्चे पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई है। इस संबंध में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने जिला कलेक्टर कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है।
मनसे ने दिए ज्ञापन में कहा है कि योजना का उद्देश्य जन कल्याण का है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में कुछ खास ठेकेदारों, ग्रामसेवकों और प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की है। इस संबंध में 21 अप्रैल 2025 को मनसे ने आधिकारिक तौर पर योजना की जानकारी मांगी थी।
जल जीवन मिशन योजना में भ्रष्टाचार
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मिली जानकारी के अनुसार, जल जीवन मिशन योजना के तहत त्र्यंबकेश्वर तालुका के देवडोंगरा ग्राम पंचायत के काकडपाड़ा और कास नामक दो गांवों का दौरा किया गया। मनसे के कार्यकर्ताओं, जिला और प्रदेश पदाधिकारियों और संबंधित इंजीनियरों के साथ किए गए निरीक्षण में पाया गया कि योजना केवल कागजों पर मौजूद है।
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जांच में मिली गंभीर खामियां
दो साल से निधि स्वीकृत होने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंचा है और काम अधूरे पड़े हैं। नागरिकों को अभी भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। मनसे के ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सिर्फ दो गांवों के निरीक्षण में इतनी गंभीर खामियां मिलने पर यह कल्पना भी नहीं की जा सकती कि पूरे जिले में कितने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ होगा। इसलिए, पूरी योजना के क्रियान्वयन की गहन जांच की जोरदार मांग की गई है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि, जल ही जीवन है, और उसकी लूट जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने जैसा है। हमारी मांग है कि इस योजना में भ्रष्टाचार की जांच के लिए तुरंत एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर मनसे प्रदेश महासचिव दिनकर अन्ना पाटील, जिलाध्यक्ष अंकुश पवार, और जनहित विभाग के जिलाध्यक्ष प्रफुल बनबेरू उपस्थित थे। चूंकि पानी आपूर्ति योजनाओं की विफलता और भ्रष्टाचार सीधे सामान्य नागरिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस ज्ञापन पर कितनी गंभीरता से ध्यान देगा।
