Nashik Farmers Suicide Attempt: वडगांव में किसानों का आत्मदाह प्रयास, पुलिस ने टाली बड़ी अनहोनी
Nashik Farmers Suicide Attempt: नासिक जिले के वडगांव में किसानों ने आत्मदाह का प्रयास कर हड़कंप मचा दिया। खेत के रास्ते के विवाद से नाराज किसानों को पुलिस ने समय रहते रोक लिया, जिससे बड़ी घटना टल गई।
- Written By: केतकी मोडक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Nashik Farmers Suicide Attempt In Wadgaon: महाराष्ट्र दिवस के पावन अवसर पर जहाँ एक ओर प्रशासनिक संकुल में ध्वजारोहण की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर शनिवार को वडगांव के कुछ किसानों ने आत्मदाह का प्रयास कर पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी।
अपनी मांगों को लेकर उग्र हुए किसानों ने अपने ऊपर डीजल छिड़क लिया, जिससे मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिस बल के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि, पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी को समय रहते रोक लिया गया।
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब प्रशासनिक संकुल में कार्यक्रम चल रहा था, तभी अचानक सात प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के भीड़ जुटानी शुरू कर दी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, नवनाथ बापू जाधव, देविदास धोंडीराम जाधव, बापू बंडू जाधव और प्रशांत अंबादास जाधव सहित अन्य किसानों ने डीजल की कैन निकाल ली और उसे अपने ऊपर उड़ेलने की कोशिश की। मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए उनके हाथों से कैन छीन ली और उन्हें सुरक्षित दूरी पर ले गए।
सम्बंधित ख़बरें
रियल एस्टेट एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर से मिलेंगे 50 लाख रोजगार, डॉ. हीरानंदानी ने कहा, देश में स्किल्ड वर्कर की कमी
मध्य रेल पर होगा विशेष ब्लॉक, उंबरमाली और आटगांव स्टेशनों के बीच अतिक्रमण
महाराष्ट्र पुलिस भर्ती में बड़ा चमत्कार या घोटाला? निजी क्लास के पेपर से आए 85 सवाल, सुप्रिया सुले ने उठाए सव
ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार हताशा की निशानी, शिव सेना नेता Shaina NC ने साधा निशाना
विवाद की जड़: खेत के रास्ते की आवाजाही
यह पूरा मामला वडगांव बल्हे शिवार के गट संख्या 31/2/1, 31/2/2 और 31/2/3 के अंतर्गत आने वाले कृषि मार्ग से जुड़ा है। संबंधित किसानों ने इस रास्ते को खोलने के लिए लंबे समय से शिकायत दर्ज कराई थी। तहसीलदार आबा महाजन के स्पष्टीकरण के अनुसार, इस मामले में कानूनी फैसला पहले ही शिकायतकर्ता किसानों के पक्ष में आ चुका है। प्रशासन नियमों के तहत रास्ता खोलने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है, लेकिन तकनीकी अड़चनों के कारण इसमें देरी हो रही थी।
ये भी पढ़ें :- Ashok Kharat Money Laundering Case: 50 करोड़ के लेन-देन का खुलासा, ढोंगी तांत्रिक पर ED की बड़ी कार्रवाई
नोटिस को लेकर बढ़ा तनाव
मामला तब और गंभीर हो गया जब मंडल अधिकारी जयश्री शेटे ने 30 अप्रैल 2026 को इस विवाद से संबंधित पक्षों को औपचारिक नोटिस देने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि कुछ किसानों द्वारा नोटिस स्वीकार न किए जाने और प्रक्रिया में बाधा डालने के कारण विवाद गहरा गया। इसी प्रशासनिक देरी और आपसी तनाव से नाराज होकर किसानों ने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया। फिलहाल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
