रियल एस्टेट एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर से मिलेंगे 50 लाख रोजगार, डॉ. हीरानंदानी ने कहा, देश में स्किल्ड वर्कर की कमी
Real Estate Jobs India: हीरानंदानी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर से 50 लाख रोजगार मिलेंगे। उन्होंने स्किलिंग और रेंटल हाउसिंग पर जोर दिया।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
डॉ. निरंजन हीरानंदानी (सोर्स: फाइल फोटो)
Niranjan Hiranandani Interview: देश के जाने-माने उद्योगपति, भवन निर्माता एवं हीरानंदानी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने ‘नवभारत लाइव’ से एक विशेष बातचीत में कहा कि भारत अब हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी बढ़ रहा है। वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक विकास के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खुले हैं। डॉ हीरानंदानी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए एक मजबूत रियल एस्टेट क्षेत्र का होना जरूरी है।
इस क्षेत्र का 300 से अधिक सम्बन्धित उद्योगों पर कई गुना असर पड़ता है और इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर देश में रोजगार के अवसर पैदा करने वाला कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। डॉ निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि अभी इस क्षेत्र को 20 लाख स्किल्ड लोगों की जरूरत है,जो अगले 5 वर्षों में बढ़कर 50 लाख तक पहुंच सकती है।
डॉ. हीरानंदानी इस क्षेत्र में कुशल लोगों की आवश्यकता के साथ की गति और गुणवत्ता में सुधार की जरुरत बताते हुए कहा कि कुशल मानवबल तैयार करने के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को मिलकर काम करना होगा। आत्मनिर्भर भारत पहल को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य तकनीकी प्रगति और एआई द्वारा प्राप्त हो सकेगा।
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आर्थिक महाशक्ति की ओर अग्रसर
डॉ. हीरानंदानी ने कहा कि जैसे-जैसे हम इस तेजी से बदलते, बहु ध्रुवीय विश्व में आगे बढ़ रहे हैं, भारत न केवल एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, बल्कि एक अनोखी सोच वाले नेता के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कुशल मानवबल की कमी को दूर करने के लिए तुरन्त स्किलिंग पहल को जरूरी बताते हुए कहा कि शिक्षा को नौकरी की मांग के साथ जोड़ने के लिए इंडस्ट्री एकेडमीया सहयोग आवश्यक है। उन्होंने नए जमाने की तकनीकी और व्यावसायिक ट्रेनिंग को शामिल करने के लिए पाठयक्रम में सुधार की जरूरत बताई।
चुनौतियों में अवसर
रियल एस्टेट क्षेत्र में सरकार की नीतियों में सहयोग करने वाली राष्ट्रीय संस्था नरेडको के चेयरमैन डॉ. हीरानंदानी ने कहा कि हम चुनौतियों को आत्मनिर्भरता के जरिए एक अवसर बना सकते हैं। वैश्विक अनिश्चितता के इस माहौल में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, आवास एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ सर्विस सेक्टर को और मजबूत बनाकर भारत अपनी डबल डिजिट की ग्रोथ को सुनिश्चित कर सकता है। हमारा लक्ष्य भारत को सेवाओं पर आधारित अर्थव्यवस्था से बदलकर एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का होना चाहिए, जैसे चीन ने काफी समय पहले किया था। डॉ. हीरानंदानी आंतरिक मांग को बढ़ाने और 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए स्किल व इनोवेशन बढ़ाने पर जोर देते हैं।
ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। परमाणु ऊर्जा के साथ सौर ऊर्जा सहित ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर होगा। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा खपत करने वाला देश है। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि भारत में ऊर्जा की खपत आने वाले समय में और भी ज्यादा बढ़ेगी। अभी हमारी 80 प्रतिशत निर्भरता जीवाश्म ईंधन पर है। इसे आने वाले समय में कम कर परमाणु ऊर्जा एवं गैर परंपरागत ऊर्जा से पूरा कर देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बना सकते हैं।
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रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा
डॉ. हीरानंदानी ने कहा कि शहरी इलाकों में घरों की बढ़ती कीमतों की समस्या को हल करने के लिए रेंटल हाउसिंग अच्छा विकल्प है। इसे बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने और पॉलिसी बनाने की जरूरत है। सिर्फ अपना घर खरीदने पर ध्यान देने की बजाय किराए के घरों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे विकसित देशों में 50 प्रतिशत लोग किराए के घरों में रहते हैं। साथ ही बडे महानगरों में हर किसी के लिए अपना घर खरीदना मुमकिन नहीं है।
रेंटल हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए निजी विकासकों को प्रोत्साहन देने, सरकारी जमीन को इस्तेमाल के लिए खोलने और कानूनों में बदलाव करके चेरिटेबल ट्रस्ट और सीएसआर फंड को किराए के घर बनाने की अनुमति देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार स्टांप ड्यूटी और डेवलेपमेंट चार्ज कम करती है तो औद्योगिक कामगारों, प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए रेंटल हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत घर उपलब्ध होंगे। जिसका लाभ अर्थव्यवस्था को होगा।
