संतोष बांगर व श्रीकांत शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Santosh Bangar Criticized Ministers: महाराष्ट्र की राजनीति में आक्रामक तेवरों के लिए मशहूर शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संतोष बांगर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने विपक्ष पर नहीं, बल्कि अपनी ही सरकार के मंत्रियों पर निशाना साधा है। नांदेड में आयोजित पार्टी की समीक्षा बैठक के दौरान बांगर ने मंत्रियों के कामकाज के तरीके पर तीखा प्रहार किया।
नांदेड में सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, मंत्री गुलाबराव पाटिल और उदय सामंत की मौजूदगी में तीन जिलों की समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में संतोष बांगर ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, “कुछ मंत्रियों के दिमाग में हवा चली गई है। वे ऊंट पर बैठकर बकरियां चराने जैसा काम कर रहे हैं। ये मंत्री न तो कार्यकर्ताओं के फोन उठाते हैं और न ही उनसे मिलते हैं।” बांगर ने सीधे श्रीकांत शिंदे से मांग की कि ऐसे ‘हवा’ भरे मंत्रियों को तत्काल घर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए।
बैठक में केवल विधायक ही नहीं, बल्कि जमीनी कार्यकर्ता भी नाराज दिखे। स्थानीय विधायक बालाजी कल्याणकर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ताओं ने पूछा कि हजारों करोड़ का फंड मिलने के बावजूद नगर निगम चुनावों में विफलता क्यों मिली? इस पर प्रमुख शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे ने आश्वासन दिया कि एकनाथ शिंदे इस पार्टी को चला रहे हैं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि भारी फंड के बाद भी सीटें नहीं मिल रही हैं, तो इस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
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बैठक के दौरान मीडिया में चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर भी चर्चा हुई। श्रीकांत शिंदे ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ जैसा कुछ नहीं है, यह केवल मीडिया द्वारा दिया गया नाम है। हमारा एकमात्र लक्ष्य 2029 तक शिवसेना को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। हालांकि, इस बैठक ने साफ कर दिया है कि शिंदे गुट के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और आने वाले दिनों में संगठन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।