

Nanded ZP Primary School Roof Collapse: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को उजागर करने वाली एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। माहुर तहसील के सकुर स्थित जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में रोजमर्रा की तरह चल रही क्लास के दौरान अचानक छत का प्लास्टर और भारी सीमेंट-कंक्रीट भरभराकर नीचे आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे में 6 मासूम छात्राएं मलबे की चपेट में आने से घायल हो गई हैं, जिनमें से एक मासूम की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
घटना के समय क्लासरूम में पहली से पांचवीं कक्षा की लगभग 15 से 20 छात्राएं पढ़ाई में मग्न थीं। अचानक बिना किसी आहट के छत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। भारी मलबा सीधे नीचे बैठी मासूम बच्चियों पर गिर पड़ा। प्लास्टर गिरते ही पूरी क्लास में धूल का गुबार छा गया और मासूम बच्चों की चीख-पुकार मच गई।
छत गिरते ही वहां मौजूद शिक्षकों ने बिना एक पल गंवाए तत्परता दिखाई। शिक्षकों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत सभी घबराए हुए बच्चों को मलबे के बीच से निकाला और क्लासरूम से बाहर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया। अगर शिक्षकों ने तुरंत एक्शन न लिया होता, तो यह हादसा एक बेहद भयावह त्रासदी में बदल सकता था।
नांदेड जिले के जिला परिषद प्राथमिक स्कूल हादसे में घायल सभी छात्राओं को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल छात्रा का इलाज जारी है, जबकि मामूली रूप से चोटिल अन्य पांच छात्राओं को प्राथमिक उपचार दिया गया है।
इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके के अभिभावकों में भारी गुस्सा और आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिला परिषद स्कूल भवन की हालत लंबे समय से बेहद जर्जर और खस्ताहाल बनी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार तंत्र सोता रहा।
शिक्षा के मंदिर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर राज्य की जिला परिषद शालाओं की बदहाली, इमारतों के मेंटेनेंस में बरती जा रही ढिलाई और मासूम बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वाले सिस्टम पर तीखे सवाल दाग दिए हैं।