

Nanded Drought Review Meeting Controversy: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा समेत कई इलाकों में बारिश की कमी के बीच फसल नुकसान को लेकर किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। इसी पृष्ठभूमि में नांदेड के जिला नियोजन सभागार में 19 सितंबर को सूखा और फसल स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान काजू-बादाम परोसे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
बैठक कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे की मौजूदगी में हुई थी। वायरल वीडियो में सांसद संजय जाधव समेत कुछ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने सूखे मेवे दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को लेकर विपक्ष और किसानों की ओर से सवाल उठाए गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि ऐसी बैठकों में प्रशासन को परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए और इस तरह की व्यवस्था से बचना चाहिए।
हालांकि, बैठक में काजू-बादाम खाने को लेकर सांसद संजय जाधव ने कहा कि सामने थाली रखी गई थी, तो खाने में क्या गलत है। उन्होंने इस विवाद को किसानों की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने वाला मुद्दा बताया।
विवाद का असर हिंगोली में भी देखने को मिला। फसल नुकसान का जायजा लेने पहुंचे कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा।
किसानों ने काजू-बादाम की प्लेट दिखाकर बैठक में हुई घटना पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि किसानों की फसल बर्बाद हो रही है और सरकार को राहत तथा ठोस मदद पर ध्यान देना चाहिए।
मराठवाड़ा क्षेत्र और राज्य के अन्य हिस्सों में कम बारिश के कारण कई इलाकों में खेती पर असर पड़ा है। किसान फसल नुकसान के बाद आर्थिक सहायता और प्रभावी राहत की मांग कर रहे हैं। ऐसे में नांदेड की समीक्षा बैठक में परोसे गए सूखे मेवे का वीडियो राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस मामले में प्रशासन को परिस्थितियों के अनुरूप संवेदनशीलता बरतने की बात कही है। वहीं, सांसद संजय जाधव ने अपनी प्रतिक्रिया में बैठक में किसानों के मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही।