सुसाइड नोट में नाम के बावजूद क्लीन चिट? अशोक खरात केस में पुलिस कार्रवाई पर सवाल

Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र में ज्योतिषी बनकर महिलाओं का शोषण करने के आरोपी अशोक खरात के खिलाफ एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्लीन चिट मिलने पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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Ashok Kharat case (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Ashok Kharat Case Women Exploitation: महाराष्ट्र में ज्योतिषी बनकर महिलाओं से दुष्कर्म करने के आरोपी अशोक खरात की एक और काली करतूत सामने आई है। ये मामला 4 साल पुराना है। इस मामले में आरोपी खरात का नाम सुसाइड नोट में होने के बाद भी उसे क्लीन चिट दे दी गई थी।

9 जून 2022 को विकास दिवटे नामक व्यक्ति ने खरात की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के भाई राजेंद्र दिवटे ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि विकास के सुसाइड नोट और मूल शिकायत में अशोक खरात के नाम का स्पष्ट उल्लेख होने के बावजूद पुलिस चार्जशीट से उसका नाम रहस्यमयी तरीके से गायब कर दिया गया और उसे क्लीन चिट दे दी गई थी।

राजेंद्र ने अब सवाल उठाया है कि प्रभावशाली संपकों के चलते खरात को इस मामले से कैसे बचाया गया, जबकि विकास ने अपनी मौत से पहले खरात द्वारा दी गईं धमकियों का जिक्र किया था।

पहले प्रेग्नेंट किया, फिर कराया अबॉर्शन

खरात केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर किरण कुमार सूर्यवंशी और सरकारी वकील एडवोकेट शैलेंद्र बागडे ने कोर्ट में दलीलें दी। ऑनलाइन सुनवाई के दौरान जब जज ने अशोक खरात से उसका नाम पूछा तो उसने काफी धीमी आवाज में जवाब दिया।

इसके बाद जज ने खरात से जोर से बोलने को कहा। सुनवाई के अंत में जज ने खरात से पूछा कि क्या आपको कुछ कहना है। इस पर उसने हाथ जोड़कर कहा कि कहने के लिए कुछ भी नहीं है। इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर ने कोर्ट में कहा कि आरोपी खरात ने कई महिलाओं के साथ रेप किया जिससे औरत प्रेग्नेंट हो गई।

उसने कई औरतों को गोलियां दी और उसका अबॉर्शन कराया। गोलियां कहां से आईं। उसमें क्या था। इसकी जांच अभी बाकी है। खरात लोगों से उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड लाने के लिए कहता था। हम लोग इसकी भी जांच करना चाहते हैं। इसके लिए उसकी 7 दिन की पुलिस कस्टडी चाहिए। आरोपी पीड़िता से कह रहा था कि तुम एक अप्सरा हो। यह कहकर उसने महिलाओं का शोषण किया।

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