

नांदेड़ में श्रीराम और बजाज फाइनेंस के कार्यालयों में तोड़फोड़।
किसानों से जबरन वसूली और महिलाओं को परेशान करने के आरोप।
शेतकरी संगठन ने राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।
Nanded Shetkari Sanghatana Shriram Finance: महाराष्ट्र में सूखे और आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों से कथित जबरन वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वसूली के दौरान किसानों और उनके परिवारों, विशेषकर महिलाओं को परेशान किए जाने के आरोपों के बीच सोमवार को नांदेड़ में तनाव की स्थिति बन गई।
क्रांतिकारी शेतकरी संगठन के जिलाध्यक्ष बालासाहेब जाधव और उनके कार्यकर्ताओं ने श्रीराम फाइनेंस तथा बजाज फाइनेंस के कार्यालयों में तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद शहर में हड़कंप मच गया।
शेतकरी संगठन की यह कार्रवाई किसान नेता रविकांत तुपकर की ओर से निजी फाइनेंस कंपनियों को दी गई चेतावनी के बाद हुई। तुपकर ने कहा था कि सूखे की स्थिति में यदि कंपनियों के कर्मचारी कर्ज वसूली के लिए किसानों के घर जाकर दबाव बनाते हैं या महिलाओं को परेशान करते हैं, तो ऐसी कंपनियों का विरोध किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी थी कि किसानों को परेशान करने वाले वसूली कर्मचारियों के खिलाफ संगठन आक्रामक आंदोलन करेगा। साथ ही राज्य सरकार से निजी फाइनेंस कंपनियों की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण रखने की मांग की थी।
रविकांत तुपकर ने आरोप लगाया था कि नांदेड़ के चंद्रकांत शिंदे और लातूर के दत्तात्रय कुंभार की मौत के पीछे फाइनेंस कंपनियों की कथित जबरन वसूली का दबाव जिम्मेदार था। उन्होंने दोनों मृत किसानों के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना भी दी थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
नांदेड़ में दो फाइनेंस कंपनियों के कार्यालयों में तोड़फोड़ के बाद यह मामला अब राज्यस्तर पर चर्चा में आ गया है। क्रांतिकारी शेतकरी संगठन ने कथित जबरन वसूली करने वाली कंपनियों के खिलाफ महाराष्ट्रभर राज्य में आंदोलन छेड़ने के संकेत दिए हैं।
संगठन का कहना है कि सूखे और आर्थिक संकट के कारण किसानों की स्थिति पहले से ही खराब है। ऐसे समय में कर्ज वसूली के लिए दबाव बनाए जाने से उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। अब इस मामले में राज्य सरकार और संबंधित वित्तीय संस्थाओं की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।