मंत्री माधुरी मिसाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Guru Teg Bahadur Shaheedi Diwas: गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस को यादगार बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कमर कस ली है। अल्पसंख्यक विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्पष्ट किया है कि नांदेड़ में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम केवल स्थानीय न रहकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाए, जिससे उनकी शहादत का संदेश दुनिया भर में पहुँचे।
महाराष्ट्र सरकार की अल्पसंख्यक विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि 24 और 25 जनवरी को आयोजित होने वाला ‘शहीदी समागम’ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान और उनकी शिक्षाएं नांदेड़ की सीमाओं से निकलकर वैश्विक स्तर पर प्रसारित होनी चाहिए।
मंत्री माधरी मिसाल ने प्रशासन को सख्त हिदायत दी है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छता और बुनियादी ढांचा विश्वस्तरीय हो। विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की सुगमता के लिए अलग से व्यवस्था करने को कहा गया है। पार्किंग स्थल से मुख्य आयोजन स्थल तक परिवहन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि किसी को असुविधा न हो।
प्रचार-प्रसार की रणनीति पर चर्चा करते हुए मिसाल ने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए इस आयोजन की व्यापक पहुंच बनाई जाए। नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने के लिए स्कूलों में निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सिनेमाघरों में भक्ति संगीत और पूरे जिले में होर्डिंग्स के माध्यम से शहादत दिवस के महत्व को साझा किया जाएगा।
यह भी पढ़ें:- मुंबई में BJP को होगा मेयर! नासिक में शिंदे का कर्ज चुकाएगी भाजपा, जानें दोनों के बीच क्या हुई डील
नांदेड़ जिलाधिकारी राहुल कार्डिले ने आयोजन की तैयारियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि असरजन क्षेत्र में 52 एकड़ के विशाल मैदान में भव्य आयोजन की तैयारी है। श्रद्धालुओं के रुकने के लिए एक विशेष ‘तंबू नगरी’ बसाई गई है जिसमें 14,000 लोगों के रहने की क्षमता है। इसके अलावा शहर के स्कूलों और मैरिज हॉल्स को भी आरक्षित किया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस दौरान आयोजित होने वाले विशाल लंगर में लगभग 10 लाख लोगों के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।