मर्डर केस (सोर्सः सोशल मीडिया)
Father Killed Daughter In Nanded: ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच बनने की इच्छा ने एक पिता को इतना अंधा कर दिया कि उसने अपनी ही सात वर्षीय बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी।
यह दिल दहला देने वाली घटना महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की मुखेड़ तालुका से सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी पिता की पहचान पांडुरंग कोंडमंगले के रूप में हुई है, जो बारहाली गांव का निवासी है और कटिंग सैलून की दुकान चलाता है।
पुलिस के अनुसार, तीन दिन पहले वह पत्नी से सामान खरीदने की बात कहकर घर से निकला और अपनी सबसे छोटी बेटी प्राची (7) को साथ ले गया। बाद में वह अकेला घर लौटा, जिससे परिवार को संदेह हुआ। वह तेलंगाना के निजामाबाद गया था। यह उसके गांव से कुछ ही दूरी पर है।
बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद तेलंगाना पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने तेलंगाना के कट्टापल्ली इलाके में बोधन रोड के पास स्थित नहर में बच्ची को फेंक दिया। पूछताछ के दौरान संदेह की सुई पांडुरंग की ओर घूमी और 30 जनवरी को पुलिस ने उसे मुखेड से गिरफ्तार कर लिया।
घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पांडुरंग आगामी ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच पद का इच्छुक था। तीन संतान होने के कारण संभावित अयोग्यता से बचने के लिए उसने यह क्रूर कदम उठाया हो सकता है। वहीं, कुछ लोग आर्थिक तंगी को भी हत्या का कारण बता रहे हैं।
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फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और एक अन्य संदिग्ध को भी हिरासत में लिया गया है। तेलंगाना पुलिस का कहना है कि हत्या के वास्तविक कारण का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही होगा। इस अमानवीय घटना ने समाज में गहरी नाराजगी और आक्रोश पैदा कर दिया है।
बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि जनसंख्या की वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत से नीचे नहीं जानी चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज के अस्तित्व और निरंतरता के लिए दो की जगह तीन बच्चों पैदा करने की सलाह दी थी।