नौकरी नहीं, बिजनेस पसंद! नागपुर के युवाओं ने तोड़े लोन के रिकॉर्ड; सरकार ने बढ़ा दी लोन की राशि
Nagpur Startup News: नागपुर में नौकरी से ज्यादा स्टार्टअप और बिजनेस की ओर युवाओं का रुझान बढ़ा है। मुख्यमंत्री रोजगार योजना में 2025-26 में 832 लोन मंजूर हुए।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर युवा, मुख्यमंत्री रोजगार योजना, स्टार्टअप संस्कृति, (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Youth Startup Business Loan: नागपुर आज युवा नौकरी से ज्यादा स्टार्टअप और खुद का बिजनेस शुरू करने में रुचि ले रहे हैं। उनकी इस रुचि को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। सरकार को इन योजनाओं को जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) युवाओं तक पहुंचा रहा है। उद्योजक बनने की चाह रखने वाले युवाओं के जिला उद्योग केंद्र में हजारों आवेदन आते हैं लेकिन उनमें से कुछ ही लोन लेने के लिए बैंकों के नियम और शर्तों को पूरा कर पाते हैं।
मुख्यमंत्री रोजगार योजना में वर्ष 2022-23 में जहां 365 आवेदकों के लोन स्वीकृत हुए थे वहीं वर्ष 2023-24 में इनकी संख्या दोगुनी होकर 617 पर पहुंच गई थी। वहीं अभी वर्ष 2025-26 में 832 लोन पास हुए हैं जिनमें 7,914.01 लाख के लोन की राशि स्वीकृत हुई है। इस बार पिछले कुछ वर्षों से अधिक लोन की राशि स्वीकृत हुई। वर्ष दर वर्ष लोन लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है। इसके चलते सरकार ने लोन की राशि बढ़ा दी है। वहीं 2026-27 का लक्ष्य 1,900 लोन का रखा गया है।
सब्सिडी का मिलता है फायदा
मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत दाल मिल, रेडीमेड गारमेट्स, राइस मिल, डेयरी प्रोडक्ट्स, फिब्रिकेशन, अन्न व फल प्रक्रिया, बेकरी, मसाला उत्पादन, अगरवती उत्पादन, सोया मिल्क, गृह उद्योग फर्नीचर जैसे मैन्युफैक्चरिंग व प्रोसेसिंग उद्योग के लिए के लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है।
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पहले जहां लोन की राशि 50 लाख रुपये थी वहीं अब यह बढ़कर 1 करोड़ हो गई है। वहीं सभी प्रकार के रिपेयरिंग सेंटर, सलून, झेरॉक्स सेंटर, ब्यूटीपार्लर, कम्प्यूटर जॉब वर्क, पैथोलॉजी लैब, शाकाहारी भोजनालय, आटा चक्की, जिम आदि उद्योगों के लिए अधिक से अधिक 20 लाख तक के लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है।
लोन लेने वालों को सरकार द्वारा शहरी और ग्रामीण के हिसाब से सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। इसमे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जमाती, आंबीसी, विभज, भज, अल्पसंख्यक व महिला वर्ग में शहरी में 25 प्रत सब्सिडी व 70 प्रश लॉन और ग्रामीण में उद्योग लगाने के लिए 35 प्रश सब्सिडी व 60 प्रश लोन मिलता लोन में आवेदक का स्वयं का 5 प्रश योगदान रहता है। अन्य वर्ग के लिए शहरी में 15 प्रश सब्सिडी और 75 प्रश लोन और ग्रामीण में 25 प्रश सब्सिडी व 65 प्रश लोन मिलता है। इसमे स्वयं का 10 प्रश योगदान रहता है। इस बार का टारगेट 1,140 लोन का है। इस बार 3,815 आवेदन आए जिनमें से 2,165 आवेदन रद्द हुए है। लोन लेकर युवा आत्मनिर्भर बन रहे है।
पूरा कर रहा बिजनेसमैन बनने का सपना
अपना स्वयंरोजगार शुरू करने वाले आवेदकों की संख्या जिला उद्योग केंद्र में बढ़ती जा रही है। वर्ष 2019-20 में 41 आवेदकों के लोन स्वीकृत हुए थे। वर्ष 2020-21 में 192 आवेदकों के लोन स्वीकृत हुए थे। वर्ष 2021-22 में हल्की गिरावट देखी गई। इसमें 137 लोन स्वीकृत किये गये, वर्ष इसमे 2022-23 की बात की जाये तो स्वीकृत लोन की संख्या बढ़कर 365 पर पहुंच गई थी जो कि 2023-24 में दोगुने इन्जाके के साथ 617 लोन पर पहुंची थी, वहीं अभी यह बढ़कर 832 पर पहुंच गई। इसमें जनरल कैटेगरी, एससी, एसटी, ओबीसी और फिजिकल हैंडीकैप्ड आवेदक रहे।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से राजेंद्र मानकर की रिपोर्ट
