

Youth Congress Workers Protested Outside The RSS Headquarters: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड दौरे के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण की घटना को लेकर युवक कांग्रेस ने नागपुर में तीखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस घटना से दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी के विरोध में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने संघ मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर मनुस्मृति की प्रति जलाकर विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “हजारों वर्षों की असमानता नहीं, समानता चाहिए”, “मनुस्मृति नहीं, संविधान चाहिए” और “जय संविधान” जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के चलते पुलिस ने मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और सम्मान प्रदान करता है। उनका आरोप है कि संविधान के मूलभूत मूल्यों और सामाजिक समानता को प्रभावित करने वाली किसी भी विचारधारा का विरोध किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सामाजिक बराबरी और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर युवक कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। इसी दौरान मनुस्मृति की प्रति जलाकर उससे जुड़ी कथित असमानतावादी विचारधारा के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया गया।
आंदोलन के दौरान पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त भी था। आंदोलनकारियों के साथ हल्की धक्कामुक्की भी हुई। मामले में प्रदेश युवक कांग्रेस के हेमंत कातुरे, सागर चव्हाण, अभिजीत ठाकरे, डॉ. मेहुल आडवानी, राज संतापे, धीरज धकाते, नुपूर मते, विक्की नरेकर, आयुष राऊत और आदित्य राऊत सहित अन्य पदाधिकारियों के के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।
प्रदर्शन में राकेश सिरसीकर, अक्षय हेटे, रौनक चौधरी, सागर भानारकर, रवि पराते, प्रणय निंबूलकर, आकाश गुजर, प्रणय सिंह ठाकुर, रोमा चौधरी और श्रीकांत ढोलके सहित युवक कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने संविधान की रक्षा, सामाजिक समानता और सभी नागरिकों के समान अधिकारों के लिए अपना संघर्ष आगे भी जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।