

NMC Nagpur Tree Felling Approval: नागपुर के बहुचर्चित लंदन स्ट्रीट के प्लॉट नंबर 4 पर प्रस्तावित 5-स्टार होटल ‘ताज गेटवे’ के निर्माण का रास्ता कानूनी रूप से साफ हो गया है। पेड़ कटाई को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 10 अगस्त को संबंधित याचिका को डिस्पोज ऑफ कर दिया। इसके बाद नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने 14 अगस्त को पेड़ काटने की मंजूरी दे दी।
हालांकि, परियोजना को लेकर विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सोमवार को पेड़ कटाई शुरू होते ही स्थानीय नागरिक और पर्यावरण प्रेमी मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। करीब चार घंटे तक चली बहस के बाद फिलहाल पेड़ कटाई का काम 3 सितंबर तक रोक दिया गया है।
लंदन स्ट्रीट के प्लॉट नंबर 4 पर करीब 48,000 वर्गफुट जमीन में 5-स्टार ‘ताज गेटवे’ होटल प्रस्तावित है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस होटल में लगभग 225 कमरे होंगे। प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी बिल्डर प्रफुल्ल देशमुख के पास है।
शहर के हॉस्पिटलिटी और पर्यटन क्षेत्र के लिए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। होटल बनने के बाद रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ नागपुर में बड़े स्तर के पर्यटन और कारोबारी आयोजनों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पेड़ कटाई को लेकर हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान डेवलपर की ओर से पेड़ों की भरपाई के लिए पौधारोपण का आश्वासन दिया गया था। अदालत के निर्देशों के अनुसार काटे जाने वाले 67 पेड़ों के बदले 1,610 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
पौधारोपण की जानकारी और अनुपालन से संतुष्ट होने के बाद हाई कोर्ट ने याचिका को डिस्पोज ऑफ कर दिया। इसके बाद मनपा ने भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत पेड़ कटाई की अनुमति प्रदान की।
मनपा की मंजूरी और 15 दिन की नोटिस अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को साइट पर पेड़ कटाई की प्रक्रिया शुरू की गई। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय नागरिक और पर्यावरण कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए।
विरोध कर रहे नागरिकों का कहना है कि लक्ष्मीनगर जोन में हरित क्षेत्र लगातार कम हो रहा है और ऐसी स्थिति में पुराने पेड़ों को काटने से पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। मौके पर संबंधित दस्तावेज दिखाए जाने के बावजूद काफी देर तक बहस जारी रही।
करीब चार घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद फिलहाल पेड़ कटाई रोकने पर सहमति बनी। नागरिकों ने तय किया है कि वे मनपा आयुक्त से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां और पर्यावरण संबंधी चिंताएं सामने रखेंगे।
बैठक होने तक यानी 3 सितंबर तक पेड़ कटाई का काम स्थगित रहेगा। इसके बाद प्रशासन और नागरिकों के बीच चर्चा के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
‘ताज गेटवे’ प्रोजेक्ट को जहां नागपुर शहर के हॉस्पिटलिटी सेक्टर के लिए बड़ा निवेश माना जा रहा है, वहीं पेड़ों की कटाई ने एक बार फिर शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का सवाल खड़ा कर दिया है।
कानूनी स्तर पर परियोजना को फिलहाल राहत मिल चुकी है और मनपा से भी पेड़ कटाई की अनुमति प्राप्त है। अब नजर 3 सितंबर को होने वाली बैठक पर है। यदि नागरिकों की चिंताओं का समाधान हो जाता है, तो परियोजना पर आगे का काम तेजी से शुरू होने की संभावना है।