विदर्भ राजस्व सेवक संगठन का कामबंद आंदोलन शुरू, ‘राजस्व सेवक कोतवाल’ को चतुर्थ श्रेणी की मांग
Kalmeshwar News: 11 सितंबर को बेमियादी कामबंद आंदोलन शुरू किया गया। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक उनका बेमियादी कामबंद आंदोलन जारी रहेगा।
- Written By: प्रिया जैस
कामबंद आंदोलन (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur News: कलमेश्वर तहसील कार्यालय के सामने विदर्भ राजस्व सेवक संगठन (कोतवाल), तहसील शाखा कलमेश्वर की ओर से 11 सितंबर को बेमियादी कामबंद आंदोलन शुरू किया गया। आंदोलनकारियों ने तहसीलदार विकास बिक्कड को ज्ञापन सौंपकर ‘राजस्व सेवक कोतवाल’ को सरकारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की।
आंदोलनकारियों का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में राजस्व सेवक कोतवाल अहम भूमिका निभाते हैं। क्षेत्रीय स्तर पर पटवारी और वरिष्ठ राजस्व कार्यालयों के साथ मिलकर 24 घंटे शासकीय सेवा देने के बावजूद उन्हें अब तक वर्गीकृत सरकारी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिलीं।
संगठन ने दी चेतावनी
संगठन का कहना है कि राजस्व सेवक कोतवाल के पद की कार्यप्रणाली और महत्व को देखते हुए उन्हें अन्य राजस्व कर्मचारियों के समान शासकीय सेवा सुविधाएं मिलनी चाहिए और इसके लिए चतुर्थ श्रेणी का दर्जा दिया जाना आवश्यक है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने आंदोलन की दखल नहीं ली तो 12 सितंबर से राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के क्षेत्र में कोराडी के खेल संकुल में बेमियादी कामबंद, धरना आंदोलन और श्रृंखलाबद्ध उपोषण किया जाएगा।
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संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय
आंदोलन में विदर्भ राजस्व सेवक संगठन, कलमेश्वर तहसील शाखा के अध्यक्ष मंगेश पारसे, प्रकाश मडावी, नितीन मानकर, वैभव नडे, देविदास देशभ्रतार, देवेंद्र सांबारे, शशिकांत गणोरकर, स्वप्निल तभाने, राहुल हिवरकर, चक्रधर पाटिल, वामन हाकंदे, प्रफुल गेडाम, रोशन वैद्य, सूरज किरपाल, अमोल राऊत, कांताराम नेहारे समेत कई कर्मचारी मौजूद थे।
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कर्मचारियों का स्पष्ट संदेश
आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक उनका बेमियादी कामबंद आंदोलन जारी रहेगा।
