वानाडोंगरी में बोगस वोटिंग का मामला उजागर, पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पेश किए सबूत
Anil Deshmukh Press Conference: नागपुर के वानाडोंगरी नगर परिषद चुनाव में बोगस वोटिंग का बड़ा खुलासा। पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने धामणा गांव के 118 फर्जी मतदाताओं के सबूत पेश किए।
- Written By: आंचल लोखंडे
वानाडोंगरी में बोगस वोटिंग का मामला उजागर (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Bogus Voting Wanadongri: नगर परिषद व नगर पंचायत चुनाव के दौरान जिले में बोगस वोटिंग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अब पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि काटोल विधानसभा क्षेत्र के धामणा गांव के करीब 118 लोगों ने वानाडोंगरी नगर परिषद में फर्जी मतदान किया। उन्होंने प्रेस-परिषद में इससे जुड़े दस्तावेज और प्रमाण भी प्रस्तुत किए।
देशमुख के अनुसार मतदान के दिन धामणा गांव से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष वानाडोंगरी मतदान केंद्र पहुंचाए गए। स्थानीय कार्यकर्ताओं से सूचना मिलते ही उन्होंने राकांपा नेता रमेश बंग को इसकी जानकारी दी। जब वानाडोंगरी के प्रभाग क्रमांक 12 में कुछ महिलाओं से पूछताछ हुई, तो यह सामने आया कि धामणा के भाजपा कार्यकर्ता एवं महामंत्री तुषार सरोदे उन्हें वोट डालने के लिए लेकर आए थे। उन्हें उम्मीदवार का नाम बताए बिना केवल कमल के सामने वाला बटन दबाने के निर्देश दिए गए थे।
मतदान के लिए प्रति व्यक्ति 2,000 रुपए दिए: देशमुख
आरोप है कि भवन निर्माण मजदूरों के पंजीकरण में दिए गए दस्तावेजों के आधार पर इन लोगों के नाम वानाडोंगरी की मतदाता सूची में जोड़े गए। इनमें धामणा की भाजपा ग्राम पंचायत सदस्य देवकू मोरेश्वर निखाडे का भी नाम शामिल है। सरोदे ने अपनी पत्नी, रिश्तेदारों सहित गांव के कई नागरिकों को फर्जी मतदाता के रूप में पंजीकृत किया और मतदान के लिए प्रति व्यक्ति 2,000 रुपए दिए। इस दौरान रमेश बंग भी प्रेस-परिषद में उपस्थित रहे।
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प्रभाग-12 में मतदाता अचानक दोगुने क्यों?
देशमुख ने बताया कि वानाडोंगरी में कुल 12 प्रभाग हैं। जहां प्रभाग 1 से 11 में लगभग 3,500 से 4,000 मतदाता हैं, वहीं अकेले प्रभाग-12 में 7,613 मतदाता दर्ज किए गए हैं। विस्तृत जांच के बाद पता चला कि यही वह प्रभाग है, जहां बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाता जोड़ने की प्रक्रिया हुई।
