विदर्भ का भाग्य बदलेगी 95,000 करोड़ की वैनगंगा-नलगंगा परियोजना, 4 लाख हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित
Vidarbha Irrigation Project: महाराष्ट्र कैबिनेट ने विदर्भ के लिए गेम-चेंजर 'वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना' को मंजूरी दे दी है। 388 किमी लंबी नहर से 9 जिलों का जल संकट खत्म होगा।
- Written By: आकाश मसने
गोसीखुर्द बांध (सोर्स: सोशल मीडिया)
Wainganga-Nalganga River Linking Project: विदर्भ को समृद्ध और सिंचित बनाने की क्षमता रखने वाली 95,000 करोड़ रुपये की वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई है। अब वन भूमि और पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति की आवश्यकता है। राज्य सरकार इस परियोजना को केंद्र की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल कराने का प्रयास भी कर रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पहले कार्यकाल में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की थी। परियोजना की संशोधित लागत को पहले भी 2 बार मंजूरी दी जा चुकी है। पहले इसकी लागत 88,000 करोड़ रुपये थी। नहर की लंबाई 426 किलोमीटर से घटाकर अब 388 किलोमीटर कर दी गई है। साथ ही लाभ क्षेत्र में भी वृद्धि की गई है।
गोसीखुर्द डेम से पानी लिफ्टिंग कर नहर में छोड़ा जाएगा
प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए गोसीखुर्द डेम से 63.70 टीएमसी पानी लिफ्टिंग कर 388 किलोमीटर लंबी नहर में छोड़ा जाएगा। चंद्रपुर और गड़चिरोली को छोड़कर शेष 9 जिलों के 4.04 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के दायरे में लाया जाएगा। सरकार ने विशेष रूप से पश्चिम विदर्भ के जल संकट को दूर करने पर जोर दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
किसान की बेटी ने CM से मांगा हक तो मिला हॉस्टल छोड़ने का नोटिस, विवाद बढ़ा तो प्रशासन को पीछे खींचने पड़े कदम
अजित पवार प्लेन हादसे को 4 महीने पूरे! रोहित पवार ने फडणवीस सरकार पर उठाए सवाल, बोले- CID भी निकम्मी
Yavatmal: किसानों के हक के लिए कांग्रेस का एल्गार; विधायक मांगुलकर के नेतृत्व में निकाला ट्रैक्टर मोर्चा
जन्मदिन पर नितिन गडकरी ने लिया ऐसा ‘महा-संकल्प’! नागपुर समेत पूरे देश के युवाओं और किसानों की बदल जाएगी किस्मत
11 फरवरी को आयोग ने दी थी मंजूरी
राज्य स्तरीय तकनीकी सलाहकार समिति ने 7 जनवरी को इसकी अनुशंसा की थी, जबकि महाराष्ट्र जल संपत्ति नियमन प्राधिकरण ने 11 फरवरी को मंजूरी दी। सीएम की अध्यक्षता में बजट सत्र की पूर्व संध्या पर हुई मंत्रिमंडल बैठक में परियोजना को अंतिम स्वीकृति दी गई। यदि केंद्र सरकार इसे अपनी योजना में शामिल करती है तो 60 प्रतिशत निधि मिलने की अपेक्षा है। विदर्भ सिंचाई विकास महामंडल ने कार्य शुरू होने के बाद 10 वर्षों में परियोजना पूर्ण करने की योजना बनाई है। राज्य सरकार आवश्यक वन भूमि एवं अन्य मंजूरियां शीघ्र प्राप्त करने का प्रयास कर रही है।
इन जिलों को मिलेगा लाभ
| क्रमांक | जिला | लाभ क्षेत्र (हेक्टेयर) |
|---|---|---|
| 1 | भंडारा | 11,890 हेक्टेयर |
| 2 | नागपुर | 81,879 हेक्टेयर |
| 3 | वर्धा | 77,301 हेक्टेयर |
| 4 | अमरावती | 86,509 हेक्टेयर |
| 5 | यवतमाल | 13,000 हेक्टेयर |
| 6 | अकोला | 73,868 हेक्टेयर |
| 7 | बुलढाना | 39,016 हेक्टेयर |
| 8 | वाशिम | 20,818 हेक्टेयर |
| कुल लाभ क्षेत्र | 4,04,281 हेक्टेयर |
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में बदला मौसम का मिजाज, नागपुर-यवतमाल-वर्धा समेत विदर्भ के कई जिलों में हुई झमाझम बारिश
31,494 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण
वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना के लिए बांध और मुख्य नहर सहित कुल 31,494 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। इसमें 1,238 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इस परियोजना से 39 गांव पूर्णतः प्रभावित होंगे। इस परियोजना में 32 नये बांध बनाए जाएंगे। वहीं 18 पुराने बांधों में से 10 की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। ऐसे कुल 50 बांधों पर काम होगा। परियोजना की कुल लागत 94,967 करोड़ 66 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
परियोजना 4 लिंक में विभाजित
| क्रमांक | लिंक | लागत (करोड़ रुपये) | पानी उपयोग (दलघमी) | सिंचित क्षेत्र (हेक्टेयर) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | ताईखुर्द बांधारा से गोसीखुर्द | 3,437 | 46.98 | — |
| 2 | गोसीखुर्द से निम्न वर्धा | 49,659 | 836.35 | 1,77,931 |
| 3 | निम्न वर्धा से काटेपूर्णा | 27,153 | 584.72 | 1,45,039 |
| 4 | काटेपूर्णा से नलगंगा जलाशय | 14,718 | 336.73 | 81,311 |
– नवभारत लाइव के लिए नागपुर से नितिन तोटेवार की रिपोर्ट
