विनय पुणेकर और आरोपी हेमंत शुक्ला
नागपुर. फोटोग्राफर विनय पुणेकर की हत्या के मामले में पकड़े गए अपराधी हेमंत शुक्ला से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। जांच में पता चला कि वह साक्षी का देवर बनकर विनय के घर में घुसा था। मंगलवार को पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद सदर पुलिस ने उसे दोबारा न्यायालय में पेश किया। अदालत ने हेमंत को 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं।
साक्षी ने हेमंत को बताया था कि विनय उसे परेशान कर रहा है। दोनों ने साथ मिलकर मर्डर की साजिश रची। हेमंत 23 फरवरी को पुणेकर के घर गया। बेल बजाने पर विनय ने दरवाजा खोला। हेमंत ने विनय को बताया कि वह साक्षी का देवर है और उनसे कुछ बातचीत करना चाहता है। घर के भीतर जाने के बाद उसने विनय को धमकाते हुए साक्षी को परेशान न करने की सलाह दी। उसने विनय से कहा कि तुझे अपनी जान प्यारी नहीं है क्या।
इसके पहले भी चेतावनी दे चुका हूं लेकिन तुम समझे नहीं। विनय ने उससे सवाल किया कि मुझे धमकी देने वाला तू ही है। इस बीच हेमंत ने गालीगलौज शुरू कर दी और दोनों के बीच हाथापायी हुई। हेमंत ने अपनी कमर से पिस्तौल निकालकर विनय को गोली मार दी। पुलिस ने मंगलवार को हेमंत को न्यायालय में पेश किया। उससे पिस्तौल, कपड़े और अन्य सबूत जब्त करने के लिए 5 दिन की पुलिस हिरासत मांगी। न्यायालय ने 6 जुलाई तक हिरासत मंजूर की।
इससे पहले पुलिस ने शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद लगातार पूछताछ जारी रखी। पूछताछ में शनिवार को पुलिस ने शुक्ला द्वारा रायपुर के पास पिस्तौल फेंकने का खुलासा किया था। इसके बाद रविवार को पुलिस ने आरोपी शुक्ला से 6 मोबाइल और 9 सिम कार्ड जब्त किए हैं। करीब 5 महीने तक फरार रहने के दौरान शूटर हेमंत शुक्ला ने लगातार अपने मोबाइल फोन नंबर बदले और अलग-अलग नामों से सिम कार्ड खरीदे।
फोटोग्राफर विनय उर्फ बबलू पुणेकर की हत्या के आरोप में बुधवार को उसकी गिरफ्तारी के बाद सदर पुलिस ने उसके पास से मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किए। पुलिस को संदेह है कि शुक्ला ने फरारी के दौरान 20 से अधिक बार अपना नंबर बदला। शुक्ला ने सिम कार्ड हासिल करने के लिए अजनबियों से दोस्ती की और पिछले 5 महीनों में 20 से ज़्यादा सिम कार्ड खरीदे। वह हर हफ्ते अपना मोबाइल नंबर बदलता था।